बदहाली की हद के पार शाहजहांपुर का गांव गढ़िया रसूलपुर

9 Sep 2018 9:00 PM GMT

उत्तर प्रदेश का जिला शाहजहांपुर जो कि भ्रष्टाचार के मामलों में हमेशा ही चर्चा में रहता है इस जिले के अधिकतर गांव में प्रधानों के घपलों की खबरें तो आप हमेशा ही सुनते रहे है, लेकिन आज जिस गांव में हमारी टीम पहुंची वहां का नजारा देखकर ऐसा लगा कि यह गांव आज भी गुलामी में जी रहा है।

यहां पर जो कुछेक शौचालय बनाए गए हैं उनमें ग्राम प्रधान के पैसे मांगने का मामला भी सामने आया है, लोगों का कहना है कि शौचालय निर्माण के लिए उनसे प्रधान 12 सौ रुपए की मांग कर रहा है।

दरअसल पूरा मामला बंडा ब्लाक के गांव गढ़िया रसूलपुर का है यहां प्रधान है राम रतन वर्मा रामरतन ने जीतने के बाद इस गांव की तरफ मुड़कर ही नहीं देखा, और अगर कभी भूलकर गांव की तरफ देखा भी तो लोगों से आवासों के नाम पर पैसे मांगते के लिए, आरोप कि राम रतन वर्मा ने कुछ शौचालय तो बनवा दिए गए लेकिन आज भी अधूरे पड़े हुए हैं और जो बने भी हुए हैं उनके भी बालू और लेबर के पैसे लाभार्थियों से ले लिए गए, प्रधान सवालों के घेरे में तब आए जब हमारे स्टेट हेड संदीप शर्मा ने अपनी टीम के साथ वहां के लोगों से बातचीत की और वहां का हाल जाना, पता लगा की जिनके कभी शौचालय बने ही नहीं उनके भी कागजों में शौचालय दिखाए जा रहे हैं और उनसे 12 सो रुपए की मांग की जा रही है इतना ही नहीं, ना तो गांव मैं सौर ऊर्जा लगी है और ना ही गरीब बस्ती में बिजली की व्यवस्था है लोगों ने अपनी झोपड़ी के ऊपर लाइट व्यवस्था के लिए जुगाड़ू लाइट लगा रखी है।

आइए दिखाते हैं हम आपको पूरे गांव की हकीकत की मंच पर भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश देने का दावा करने वाली सरकार की कलई खोलता गांव बंडा ब्लाक का गढ़िया रसूलपुर।

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