यह है डिजिटल इण्डिया -मुर्दे चुनाव लड़ते हैं, जेल भी जाते है

2017-09-26 07:45:02.0

एवीएन नेटवर्क में आपका स्वागत है। आज हम आपको दुनिया के आठवें अजूबे यानी हिन्दोस्तान के अजीबो गरीब कानून से रूबरू करा रहे है। मेरा भारत इतनी तेजी से आगे बढ़ा दिया गया और इस हद तक डिजिटल कर दिया इण्डिया, यह तो डिजिटल इण्डिया की के सपने दिखाने वाले पीएम मोदी ने सोचा भी ना होगा। ऐसी ला जवाब टैक्नोलोजी कि दुनिया देखती ही रह गयी। मेरा देश इतना आगे बढ़ा दिया गया कि यहां मुर्दो को भी तीन तीन बार जेल में रखा जाने लगेगा। इण्डिया इतना डिजिटल हो गया कि यहां मुर्दे राष्ट्रपति, सांसद के चुनाव भी लड़ सकेगें वह भी खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुकाबले में। ऐसी टैक्नोलाजी कि मुख्यमंत्री खुद मुर्दो से मुलाकात करने लगे मुर्दो के साथ चाय पीने लगे।
आईये मिलते है आगे बढ़ चुके देश के डिजिटल हो चुके कानून के अजूबे हालात से संदीप शर्मा के साथ।
यह है संतोष सिंह मूरत, उ0प्र0 के बनारस जिले के रहने वाले है। 15 साल पहले सरकारी मशीनरी ने इन्हें मुर्दा बना दिया, तब से यह खुद को जिन्दा साबित कराने के लिए लड़ रहे है गुजरे पांच साल से बहुत आगे बढ़ चुके मेरे देश और हद पार तक डिजिटल करदी गयी इण्डिया की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर यानी मोदी की नाक तले धरने पर है। यह अलग बात है कि साढ़े तीन साल के अर्से में कई बार भारत प्रवास पर रहे प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इण्डिया के इस नमूने को नहीं देखा।
फिल्म एक्टर नाना पाटेकर के कुक रहे इस शख्स का कसूर सिर्फ यह है कि इन्होंने एक दलित ओर बेहद गरीब लड़की से शादी करली थी। बस एक इसी गल्ती ने इन्हें हिन्दू राष्ट्र के दायरे से बाहर कर दिया।

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