तलाक के नाम पर शरीयत मे बदलाव करने की बड़ी साजिश, खुश होने वालों पर उल्लेमाओं की राय

2017-12-22 08:43:40.0

कुछ अनपढ़ और ना समझ मुस्लिम औरतो के साथ दर्जनो गैर मुस्लिम औरतों को बुरके पहनाकर मोदी सरकार यह दिखाने की कोशिश करती रही कि मुस्लिम औरते ही शरीयत में बदलाव की मांग कर रही है।
गुजरी 7 दिसम्बर को बरेली मे यही खेल खेला गया, कुछ ना समझ मुस्लिम महिलाओं के साथ दर्जनों औरतो को बुरके पहनाकर लाया गया शरियत में बदलाव की मांग की गयी।
अजीब बात है कि जो खुद की बीवी को लावारिस छोड़ दे उसी शख्स को मुस्लिम औरतो की फिक्र सता रही है।
गुज़रे हफ्ते कानून को हरी झण्डी देदी गई. सरकार जिन औरतों की आवाज को सहारा लेकर शरीयत में हेरफेर करने की जुगत में है वे कोन औरते है यह कहना मुश्किल है, लेकिन हम दावे के साथ यह कह सकते हैं कि एक दो के अलावा सब फर्जी तोर पर बुर्खे पहनाकर लायी जाती है और दो एक मुस्लिम है तो वे बेचारी अनपढ़ होने के साथ ही बेहद गरीब परिवारो से होती है जो 2 - 3 सौ रूपये की मजदूरी पर गुमराह करके लाई जा रही हैं।
आईये हम आपको सच्ची मुस्लिम औरतो से मिलवाते है देखिये क्या सोच है मुस्लिम औरतो की।
जो मुस्लिम समझी जाने वाली औरते शरीयत मे बदलाव की मांग कर रही है या शरीयत में फेरबदल किये जाने की खबर पर खुश होती दिखाई जा रही है उनके लिये मुस्लिम आलिमों ओर आम मुसलमानो का क्या कहना है।
दरअसल सरकार तीन तलाक के बहाने मुस्लिमो मे अशान्ति पैदा करके मुस्लिम परिवारो मे बिखराव करके पूरी कौम को ही तबाह ओ बरबाद करने की जुगत बन्दी मे लगी है।

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