पांच प्यारों की अगुवाई में निकाला गया महोला

13 March 2017 1:45 PM GMT

अमृतसर में श्री दरबार साहिब जी में श्री अकाल तख्त साहिब जी पर आरदास कर सुरमानी रंग के निशान साहिब जी के साथ पांच पियारो की अगुवाई में महोला यानी नगर कीर्तन निकाला गया, यह सुरमानी रंग के दो निशान साहिब जी दसवें गुरु जी ने बाबा रामसिंह को भेट दिए थे, जो कि दशम गुरु जी की चोहोर साहिब की सेवा किया करते थे, आज भी बाबा रामसिंह जी की 11 वी पीढ़ी इस निशान साहिब की सेवा निभा रही है और हर साल होला महोला के दिन महोला के रूप में नगर कीर्तन निकाला जाता है, 11 वीं पीढ़ी के प्रिथपाल सिंह सेठी ने कहा, कि जब से खालसा पंथ बना है तब से होला महोला मनाया जा रहा है, अमृतसर में तकरीबन 200 साल से होला मोहला मनाया जा रहा है और यह पहला सुरमानी रंग का निशान साहिब जी दशम गुरु ने जब सुहेले गुजर को मारा था तब बाबा रामसिंह को भेट किया था और दूसरा निशान साहिब जब दशम गुरु के ऊपर पेदे खां के पोते ने गोली चलाई थी तब बाबा रामसिंह ने दशम गुरु की जान की रक्षा की थी तब गुरु जी ने उनको दूसरा निशान साहिब देकर कहा था कि यह निशान साहिब हर महोला की अगुवाई करेगे, तब से हमारे बजुर्ग इस निशान साहिब की सेवा करते आये है और हम भी इस निशान साहिब की सेवा कर रहे है।

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