बड़े हादसे को दावत, शारदा पुल

2018-06-28 18:15:49.0

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के बंडा में अंग्रेजों के जमाने में बना बूढ़ा और जरजर हो चुका पुल कब लोगों की जिंदगियां लील जाए कहा नहीं जा सकता।

दरअसल बंडा से बिलसंडा मार्ग पर जाने वाली सड़क पर बना शारदा नहर का पुल रोज बड़े हादसों को दावत दे रहा है इस पुल पर ना जाने कितने ही लोग मौत का निवाली बन चुके हैं लेकिन इस तरफ किसी भी अफसर या खददरधारी ने नहीं देखा।

शाहजहांपुर और पीलीभीत के सैकड़ों गावों को जोड़ने वाले इस पुल की पुल कितनी वैल्यू है यह हम आपको बताते हैं।

दरअसल बरेली से सीधा नेपाल बॉर्डर तक सबसे पहले पहुंचने वाला रास्ता इसी पुल से गुजरकर जाता है।

सौ साल की उम्र पार करने जा रहा यह पुल पूरी तरह से कमज़ोर होने की वजह से कभी भी ढह सकता है लोगों का कहना है कि इस पुल पर एक ही सवारी निकल सकती है जिसकी वजह से घंटों जाम लगा रहता है कई बार तो एंबुलेंस को भी यहां पर कई घंटा जाम में फंसा रहना पड़ता है।

सन 1926 में अंग्रेजों के समय में बना पुल आज अपने वजूद के आखिरी पढ़ाव पर है आइए सुनते हैं क्या कहना है यहां पर लोगों का हमारे स्टेट ब्यूरो चीफ संदीप शर्मा के साथ।

देश के लिए गर्व की बात है कि गुलाम जनता के वोट से मालामाल बनने वाले खददरधारी खुद तो लोगो के खून पसीने की कमाई से एक वक्त के खाने में ढाई तीन लाख का मशरूम डकार जाते हैं बारह लाख का सूट पहनते है लेकिन बेशरमी का हाल यह है कि अपने रोज़गार दाताओं को 70 साल के अरसे में एक पुल नहीं दे सकते

देश के हालात को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि इन देसियों से कहीं बेहतर थे वे विदेशी लुटेरे, जो लूट रहे थे तो कम से कम सुविधा देते भी थे।

Sandeep Sharma

Sandeep Sharma

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