जी उठा मृत कानून, चुनाव आयोग की बचकाना सोच

10 Jan 2017 12:30 PM GMT

उ0प्र0 में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही काफी लम्बे समय से मृत पड़ा कानून भी जी उठा। यानी कानून ने चुनावों तक के लिए अपना पालन कराने पर कमर कस ली, इसी के तहत गुजरे तीन दिनों से सूबे भर में वाहनों की चैकिंग की जा रही है। मतलब कार खरीदने के साथ ही वीआईपी बन जाने वाले महार्थियों की कारों से हूटर बैनर झण्डे उतारने के साथ ही पचास हजार रूप्ये से ज्यादा नकदी मिलने पर शिकंजा कसा जाने लगा। यह सब सिर्फ चुनावों तक के लिए ही है चुनाव निबटते ही टांय टांय फिस्स। बताते चलें कि चुनाव आयोग का मानना है कि चुनावों में पैसे के खेल को रोकने के लिए यह सब किया जाना जरूरी है बड़ी ही अजीब और बचकाना सोच है आयोग की, जरा सोचिये कि आयोग का यह फार्मूला गुजरे कई चुनावों से चल रहा है यानी हर आदमी जानता है कि कार से पैसा लेकर चलना खतर नाक है, भारत के खददरधारी जो अरबों खरबों देश से बाहर निकाल ले जाने के एक्सपर्ट हैं तो उन खददरधारीयों को अपने क्षेत्र में दो चार लाख रूपये इधर उधर ले जाना कोई मायने नही रखता, जरूरी नहीं कि वे कारों से ही लेकर जायें। वैसे भी गुजरे चुनावों में पुलिस वर्दी के सहारे नेताओं ने आयोग की आखों में मिर्ची झोंकदी थी।

  Similar Posts

Share it
Top