बरेली में मानव तस्कर दबोच लिये गये

3 Feb 2019 3:34 PM GMT

बरेली में मानव तस्कर दबोच लिये गये

पुलिस ने एक एनजीओ के माध्यम से मानव तस्करी के बाद देह व्यापार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह बांग्लादेश से लड़कियों को लाकर दिल्ली मुंबई और अन्य शहरों में देह व्यापार के दलदल में धकेल देता है।

मुंबई का एक एनजीओ "पूर्णतया"7BMP अलसफा विलेज जो मानव तस्करी और देह व्यापार आदि के रोकथाम का काम करता है। एनजीओ और महाराष्ट्र पुलिस द्वारा बरेली के पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई कि बंगला देश से नाबालिक लड़कियों की तस्करी करके मुंबई दिल्ली के अलावा कई शहरों में उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेला जा रहा है। एनजीओ के लोगों ने बताया एक बांग्लादेश से लाई गई नाबालिग लड़की को मुंबई में बेचा गया था इसके बाद उस लड़की को दिल्ली में भेज दिया गया दिल्ली के बाद उसे बरेली बेचा गया। मुंबई के थाना घाटकोपर में इस मामले का मुकदमा दर्ज था। मुंबई पुलिस और एनजीओ ने मिलकर छानबीन की तो पता चला वह लड़की बरेली में है। बरेली के सुभाष नगर में एक लड़की बदहवास पड़ी हुई थी जिसको सीडब्ल्यूसी भेज दिया गया था। होश आने पर उसने अपनी सारी व्यथा बताई उसने बताया कि उसे मुंबई से दिल्ली और दिल्ली के बाद यहां पर उसे बेंच दिया गया। बरेली में कांता प्रसाद और उसकी पत्नी लक्ष्मी राजपूत उसे जबरन लोगों के साथ मारपीट कर गलत संबंध बनवाते थे। उसने बताया कि उसे यह भी नहीं पता कि कितने लोगों से और कितने बार उससे गलत संबंध गलत संबंध बनवाने के बदले में वो मोटी रकम वसूलते थे ।उसे भर पेट खाने को भी नहीं दिया जाता था । उसे भूखा प्यासा रखते थे ,जिस वजह से वह बदहवास पड़ी हुई थी। एनजीओ और पुलिस की मदद से उसको तलाश लिया गया और आरोपी कांता प्रसाद और उसकी पत्नी लक्ष्मी राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो आरोपी अन्य गीता और उसका कथित भाई मोरपाल अभी फरार है । पुलिस ने कांता प्रसाद और उसकी पत्नी लक्ष्मी राजपूत को देह व्यापार का धंधा कराने और मानव तस्करी के आरोप में जेल भेज दिया है। पुलिस मानव तस्करी करने वाले गिरोह के सारे सदस्यों को ढूंढने में जुटी हुई है

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