किसानों के खून पसीने की कमाई पर मण्डी दलालों का डाका

22 April 2019 2:26 PM GMT

(ब्योरो रिपोर्ट)

यूपी के शाहजहांपुर जिले में सरकारी लेवी सैन्टरों पर तैनात अफसरान की मिलीभगत से सरकार की आंखों में खूब धूल झोंकी जा रही है

कलैक्टर अमृत त्रिपाठी के सख्ती के बाद भी किसानों को खूब चपत लगाई जा रही है,

एक तरफ सरकार किसानों के हित में जमकर ढोल रही है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी मशीनरी और आढ़त वाले किसानो का गेहूं ओने पौने दामों पर खरीद रहे है,लेकिन किसी भी अधिकारी के कान तले जूं रेंगती दिखाई नहीं दे रही है,अफसरान का चुनाव मे लगे होने से दलालों की चांदी हो गई है,दलाल और लेवी कर्मी जानते है कि जब तक चुनाव निपट नहीं जाता तब तक जितनी चांदी काटनी है काट लो,क्योंकि इस वक्त कोई अधिकारी देखने नहीं आएगा और ना ही आ रहा है

हम सिर्फ एक सेंटर की बात नहीं कर रहे बल्कि जिले के पचासी परसेंट सेंट्रो पर आढतियो का गेहूं खरीदा जा रहा है अगर कोई व्यक्ति इनके खिलाफ आवाज उठाए तो उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिल जाती हैं

इतना ही नहीं उनका साफ कहना है यह सब हम अकेले नहीं करते इसमें और लोगों का भी हिस्सा होता है अब और लोग कौन हैं यह आप अच्छे से जानते हैं

सबसे ज्यादा हेरा फेरी बंडा खुटार पुवायां और निगोही में हो रही है यह सब सत्ता में शामिल नेता करा रहे हैं

इसका जीता जागता सबूत यह है कि जब एक महिला पत्रकार ने नाहिल में प्रदुमन शंकर शुक्ला की आढत पर देखा

आढत का सारा गेहूं सेंटर पर जा रहा है

तभी महिला पत्रकार ने रुक कर उसकी फोटो खींचनी चाहिए,

इसपर अपनी नेता गीरी दिखाते हुए कहा कि सत्ता मेरी है मैं कुछ भी करूं तुम्हें क्या दिक्कत है, इतना ही नहीं सत्ताई नेता प्रदुमन शंकर शुक्ला के सर सत्ता का नशा इस तरह हावी है की उसने साफ साफ कह दिया छोटे-मोटे अधिकारी तो उनकी हर समय जेब में पड़े रहते हैं,

तो एक पत्रकार उसका क्या बिगाड़ लेगी,

फिलहाल इस पूरे मामले पर महिला सुरक्षा दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं क्योंकि जब महिला पत्रकार ही सुरक्षित नहीं है तो आम महिलाएं कैसे सुरक्षित होंगी

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