सदर विधायक पर बलात्कार की कोशिश का आरोप

2017-02-04 18:52:07.0

सदर विधायक पर बलात्कार की कोशिश का आरोप

अब मिल रही है पीड़ित परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां

उरई-जालौन (राहुल गुप्ता) जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में नामांकन के दौरान फफक-फफककर रो रही युवती ने सदर विधायक उरई दयाशंकर वर्मा व सपा प्रत्याशी के भाई पर बलात्कार का प्रयास करने और उसके घर पर कब्जा करने की बुरी नियत के साथ ही मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। युवती ने सदर विधायक दयाशंकर वर्मा पर मतदाता सूची से नाम कटवाकर चुनाव न लड़ने देने का भी आरोप लगाया।
आज दोपहर कलेक्टेªट परिसर में जब बसपा, सपा, भाजपा, कांग्रेस के प्रत्याशी अपने-अपने नामांकन पर्चे भरने में व्यस्त थे इसी दौरान एक युवती रोते हुए मीडिया कर्मियों के समक्ष प्रकट हुई जिसका रो-रोकर बुरा हाल था। जो खुलेआम आरोप लगा रही थी कि उरई के सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने उसे चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उसका नाम ही मतदाता सूची से उड़वा दिया जबकि वह नामांकन के लिए उरई आई थी लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब देख वह ठगी से रह गई। जनपद की कोंच नगर के मोहल्ला गोखले नगर की निवासी अनुसूचित जाति धोबी समाज की युवती ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उसका मकान उरई के सदर विधायक दयाशंकर वर्मा के भाई बालकिशुन वर्मा के मकान के बगल में है। धोबी समाज का होने के कारण वह पिछले काफी समय से मकान बेचकर कहीं दूसरी जगह जाने की धमकी देता चला आ रहा है। युवती का यह भी आरोप है कि उरई विधायक दयाशंकर वर्मा भी उस पर मकान बेचने का दबाव बना चुके है और कई बार गालीगलौज कर चुके है। जब उसने मकान बेचने से मना कर दिया तो बालकिशुन वर्मा ने उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया तथा आये दिन गालीगलौज एवं मारपीट करते रहते है लेकिन विधायक दयाशंकर के दबाव में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी भी कोई कार्रवाई करने को तैयार नही है। आसन्न विधान सभा चुनाव में उसने उरई विधान सभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करने एवं चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी जिसकी जानकारी सदर विधायक दयाशंकर वर्मा को भी थी इस पर उन्होंने सत्ता की हनक दिखाते हुए मतदाता सूची से उसका नाम भी गायब करवा दिया। पीड़िता का आरोप था कि माधौगढ विधान सभा क्षेत्र के कोंच नगर की वोटर लिस्ट में उसका नाम था जो कि दबंग विधायक दयाशंकर वर्मा ने कटवा दिया। जिसके कारण वह अपना नामांकन पत्र दाखिल नही कर सकी जबकि उसने विधान सभा चुनाव लड़ने के लिए चालान का पांच हजार रुपये भी जमा कर दिया था और उसके पास पहचान पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र भी था। पीड़िता ने कलेक्टेªट परिसर में मौजूद अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य को भी आपबीती सुनाई और विधायक दयाशंकर वर्मा एवं उसके भाई बालकिशुन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग करते हुए नामांकन पत्र दाखिल कराने की मांग की। चूंकि मामला दबंग विधायक दयाशंकर वर्मा का था इसलिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी उसे टहलाते नजर आए। इतने गंभीर आरोपों के बाद भी पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने विधायक एवं उसके भाई के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने का जोखिम उठाने का आश्वासन नही दिया।

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