छिटपुट वारदातों के साथ ही शान्ति से निबट गया खददरधारी रोजगारदान

2017-02-15 13:30:46.0

जी हां खददरधारी रोजगारदान जिसे मतदान कहा जाता है, रोजगारदान का दूसरे चरण शान्ति से निबट गया, औसतन 65 फीसद गुलाम वोटरों ने खददरधारियों को मालामाल होने का मौका देने के लिए दान किया। इस मौके पर गुलाम जनता को खौफजदा रखने के लिए रोजगारदान केन्द्रों को छावनी में तबदील कर दिया गया था जिससे गुलाम वोटर किसी भी मामले पर मुंह ना खोल सकें। ज्यादातर जगह से ईवीएम मशीनों की खराबी की शिकायतें मिलती रहीं। लखीमपुर के ईसानगर थाने के गांव मंडूर में एक गुलाम वोटर को दूसरे पक्ष के लोगों ने गाली मारदी, तो बरेली के नवाबगंज भी दो खददरधारियों के गुलामों के बीच पथराव हुआ। जहां आयोग ने पोलिंग से पहले अफसरान की भारी भरकम फेरबदल की थी वहीं लखीमपुर बीजेपी के कहने पर जीआईसी पोलिंग पर डियुटी कर रहे दरोगा को डियुटी से हटा दिया तो वहीं एक सिपाही द्वारा अपनी पीड़ा बयान करने सजा

जहां चुनाव आयोग ने बूथ पर मोबाईल ले जाना प्रति बन्धित कर रखा था वहीं मुरादाबाद के एक बीजेपी कार्यकर्ता ना सिर्फ खुलेआम मोबाईल अन्दर लेकर गया बल्कि उसने खुलेआम वोट डालते हुए अपनी सैल्फी वीडिया बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करदी। इस बीच सुरक्षा कर्मियों के साथ ही पोलिग स्टाफ ने भी उसे रोकने या मना करने की हिम्मत नहीं दिखाई।

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