साम्प्रदायिक्ता विरोधी दिवस का आयोजन

6 Dec 2018 8:30 PM GMT

बाबरी शहादत की 26 वीं बरसी के मौके पर सीपीआईएम की बिजनौर शाखा ने गुरूवार को संप्रदायिकता विरोधी दिवस के रूप में मनाया।

गोष्ठी की अध्यक्षता कामरेड डॉ० निसार अहमद ने की और संचालन कामरेड इरशाद पेंटर ने किया

गोष्टी को जिला मंत्री कामरेड शमशाद हुसैन ने संबोधित करते हुए कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बीजेपी आरएसएस और कांग्रेस सरकार ने प्री प्लान के साथ बाबरी मस्जिद को ढा कर देश की एकता पर हमला किया था। इस दिन देश की जनता को गहरा झटका लगा था।

अब आरएसएस की मोदी सरकार उस हालात को दोहराना चाहती है मंदिर बनाने के नाम पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया जा रहा है गौ रक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों पर हमले किए जा रहे हैं।

कामरेड ने कहा अभी बुलंदशहर में जो गोवंश अवशेष मिलने की घटना हुई है वह हिंदूवादी संगठनों की रची हुई साजिश है जिसमें ईमानदारी से काम करने वाले इस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारकर उनकी हत्या की गई है क्योंकि दादरी कांड अखलाक हत्या की इनके द्वारा निष्पक्ष जांच की गई थी।

जो घटना बुलंदशहर में हुई है यह सोची समझी साजिश है और हिंदूवादी संगठनों ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं इस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या दूसरा इतने बड़े इस्तेमा में सांप्रदायिक उन्माद भड़काने का प्रयास जिसमें वह कामयाब नहीं हुए और सारी साजिशों का पर्दा फास्ट हो चुका है जनता से हम सावधान रहने का पील करते हैं।

अजमल अंसारी ओर साबिर मलिक की रिपोर्ट

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