सिविल ड्रेस में वर्दीगर्दी दिखाने ने उतार दी वर्दी

2017-10-04 18:50:35.0

सिविल ड्रेस में वर्दीगर्दी दिखाने ने उतार दी वर्दी

शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव कुंडरा का सुखवीर कुशवाह कई साल से नोएडा की एक कंपनी में ट्रक चलाने का काम कर रहा था, जिसकी तनख्वाह 10,000 पर प्रति माह थी। सुखवीर के पिता रामदास ने बताया कि ट्रक मालिक ने गुजरे आठ महीने से सुखवीर का वेतन नहीं दिया है इसी वजह से सुखवीर ट्रक को गांव ले आया। बुधवार को ट्रक मालिक अपने गुण्डों के साथ गांव पहुंचा और हथियारों के बलपर जबरन ट्रक ले जाने की कोशिश करने लगा था। गांव वालों के आड़े आने पर ट्रक मालिक थाने पहुंच गया, पीड़ित पक्ष भी थाने पहुंच गया, मामला पैसे के लेनदेन का था इसलिए पुलिस ने आपसी समझौते से निबटाने को कहा, समझौता तो नहीं हुआ पर चार पुलिस कर्मी वर्दीगर्दी के चक्कर में जरूर नप गये। उनका समझौता फिल्म अभिनेता राजपाल यादव का भाई राजेश यादव करा रहा था इसी बीच एक सादा वर्दी में सिपाही आ गया और ड्राईवर पर रौब गांठते हुए गाली गलौच करने लगा, पीड़ित ड्राईवर को लगा कि शायद यह दिल्ली से आये व्यापारी के साथ आया हुआ गुण्डा है, इसी वजह से उसने सिपाही के एक थप्पड़ जड़ दिया फिर पुलिस वालों ने दोनों भाईयों को उस वक्त तक पीटा जबतक कि उनकी सांसे रूकने नहीं लगी। दोनों की हालत बिगड़ने से मर जाने के खौफ से सीएचसी बंडा भर्ती कराया गया जहां उन्हें शाहजहांपुर में रेफर कर दिया गया जिसकी हालत वहां पर नाजुक बनी हुई है। मामला मीडिया में उछला तो एसपी केबी सिंह ने मामले की जांच पुवायां सीओ मंगल सिंह रावत को सौंपी। जांच में तीन सिपाहियों को संलिप्त पाया गया। एक दारोगा को घटना के विषय में उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराने का दोषी पाया गया। एसपी ने सिपाही मनोज धामा, सुबोध और राजेश को निलंबित कर दिया है। दारोगा संजीव कुमार को लाइन हाजिर किया गया है।
दरअसल इस पूरे ड्रामें की वजह एसओ अमर सिंह यादव की गैर मोजूदगी रही, घटना के समय एसओ अमर सिंह यादव शहर में जुलूस ड्यूटी पर थे, एसओ के मोजूद ना होने से ही बात बिगड़ी। मामले में थानाध्यक्ष अमर सिंह यादव से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।

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