खबर को सच साबित करने के लिए लिखाया फर्ज़ी मुकदमा

27 July 2019 12:34 PM GMT

खबर को सच साबित करने के लिए लिखाया फर्ज़ी मुकदमा

पत्रकार संदीप शर्मा को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए करीब 20 दिन पहले ही रची जा चुकी थी साजिश

(शाहजहांपुर ब्यूरो)

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले पत्रकार संदीप शर्मा के खिलाफ फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए 20 दिन पहले ही कुछ लोगों ने साजिश रचने शुरू कर दी थी लेकिन यह बात संदीप शर्मा को नहीं पता थी क्योंकि साजिश रचने वाले कोई और नहीं बल्कि संदीप शर्मा के खास ही थे।

संदीप शर्मा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव लोकमानपुर बहेड़ा के रहने वाले हैं जिन्हें उनकी योग्यता के अनुसार एवीएन न्यूज़ चैनल जो कि सच की लड़ाई लड़ता है उसमें उन्हें ब्यूरो चीफ के पद पर नियुक्ति मिल गई जिसके बाद वह दबे कुचले लोगों की आवाज को उठाने लगे गांव-गांव जाकर लोगों की जन समस्याएं सुनी चौपाल लगाकर लोगों के मन की बात और ना जाने कितने जिलों में जाकर अन्याय का शिकार हुए लोगों की आवाज उठानी शुरू कर दी जिससे खुश होकर न्यूज़ चैनल द्वारा उन्हें प्रमोट करते हुए मंडल ब्यूरो चीफ का पद मिल गया इसी समय अपने ही लोगों ने उनके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करा दिया जब उन्हें संदीप शर्मा के बारे में पता चला कि वह एक सच्चे और ईमानदार व्यक्ति हैं तो उन्होंने अपना मुकदमा वापस ले लिया लेकिन विरोधियों को यह बात हजम नहीं हुई वह फिर से लग पड़े कुछ बड़ा षडयंत्र प्यार करने में लेकिन संदीप शर्मा की कलम और जनता का साथ मिलने की वजह से वह कामयाब नहीं हो पाए और संदीप शर्मा का कद बढ़ते बढ़ते स्टेट लेवल तक पहुंच गया और संदीप शर्मा को एवीएन का स्टेट ब्यूरो चीफ बना दिया गया जिसके बाद संदीप शर्मा बड़े-बड़े अधिकारियों समाजसेवी लोगों जनप्रतिनिधियों के बीच उनकी एक अच्छी छवि बन चुकी थी लेकिन संदीप शर्मा की तो किसी से दुश्मनी थी ही नहीं क्योंकि वह तो एक सच्चाई के रास्ते पर चल रहे थे क्योंकि एवीएन न्यूज़ हमेशा ही अन्याय के खिलाफ ही अपनी जंग जारी रखता है एवीएन एक ऐसा न्यूज़ चैनल है जो की जनता की बातों को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करता है और लोगों को न्याय दिलाता है इसी कलम की वजह से उन्होंने बंडा में रहते हुए जिले मैं एक अच्छी पहचान बना ली थी उनकी हर खबर पर अधिकारी संज्ञान लेते थे क्योंकि वह हमेशा ही सच के साथ खड़े रहते थे इस बीच उनके कई विरोधी बन गए लेकिन उनके कद को देखते हुए सामने से टकराने की हिम्मत नहीं हो रही थी तो उक्त लोगों ने संदीप शर्मा की पूर्व सेक्रेटरी को चारा बनाया जो कि 1 साल पहले ही न्यूज़ चैनल से हटा दी गई थी उसके बाद उन लोगों ने संदीप शर्मा के खास लोगों से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी ताकि उनके जरिए संदीप शर्मा को कमजोर किया जा सके और उन्हें पूरा भेद मिल सके जिसके बाद शुरू हुई ब्लैक मेलिंग की कहानी और संदीप शर्मा को उनकी पूर्व सेक्रेटरी ने ब्लैक मेलिंग करना शुरू कर दिया जिसमें थाने में ₹25000 की मांग की बात भी सामने आ गई जब संदीप शर्मा ने पैसा देने से मना कर दिया तो उक्त युवती ने फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए धमकी देनी शुरू कर दी कि अगर मेरी बात नहीं मानोगे तो मैं तुम्हारे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दूंगी लेकिन संदीप शर्मा को यह नहीं मालूम था कि इस महिला के पीछे उनके अपने ही शामिल थे जो यह सब करवा रहे थे क्योंकि उक्त महिला ने पहले भी कई संभ्रांत व्यक्तियों पर मुकदमा लिखा कर उनसे भारी रकम वसूल की थी और समझौता किया जिसके साक्ष्य मौजूद हैं जब उनके सारे हथकंडे फेल हो गए तो मुकदमा लिखाने के लिए संदीप शर्मा के दफ्तर के पास बने होटल में एकत्र होकर हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी और रोजाना उनके आने जाने का समय भी पता करने लगे लेकिन जब अपने ही ऐसा करें तो आदमी किस पर विश्वास कर सकता है यही बात संदीप शर्मा समझ नहीं सके और सब को अपना हमदर्द मानते हुए उनसे हर बात साझा करने लगे लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके खिलाफ बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है रोजाना उक्त युवती अपने गिरोह के साथ होटल में बैठने लगी और उक्त लोगों के साथ पूरी प्लानिंग बनानी शुरू कर दी फिर भी संदीप शर्मा को ऐसी कोई भी भनक नहीं थी क्योंकि वह तो सबको अपना ही मानते थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि अपने ही पीठ के पीछे खंजर झोंक देंगे आखिरकार उक्त युवती द्वारा बंडा थाने में तहरीर भी दिलवा दी गई और वह भी बलात्कार की जो कि पूरा मामला फर्जी था इसीलिए संदीप शर्मा ने पहले ही इस षड्यंत्र के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था ट्विटर के माध्यम से शाहजहांपुर पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस एडीजी जोन बरेली आईजी जोन बरेली डीजीपी लखनऊ और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई तब तारीख 9 जुलाई थी, 11 तारीख को कुछ अखबार वालों ने संदीप शर्मा के नाम से खबर प्रकाशित करदी जिसमें दर्शाया गया था कि संदीप शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है जबकि ऐसा कुछ नहीं था क्योंकि उनका मकसद था संदीप शर्मा की छवि को धूमिल करना जो उन्होंने कर दिया लेकिन मुकदमा 16 जुलाई 19 को दर्ज हुआ अपने आप को बचाने के लिए कुछ अखबार वालों ने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था जिस पर न्यूज़ पेपर में खबर 5 दिन पहले छप चुकी थी लेकिन मुकदमा बाद में दर्ज हुआ जो कि बताता है कि यह सब कुछ बड़ी प्लानिंग के साथ किया गया था लेकिन ईमानदार छवि वाले बंडा थाना अध्यक्ष हरपाल सिंह बालियान ने सच्चाई का साथ देते हुए गंभीरता से जांच करनी शुरू कर दी है इससे पहले भी संदीप शर्मा द्वारा उच्चाधिकारियों ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी ठीक ही इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच करने के बाद ही कोई फैसला लेने के लिए नजदीकी थाने पर कहां गया था

मामले को गहनता से परखने के बाद इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान ने फर्जी मुकदमा लिखने से साफ मना कर दिया था लेकिन अखबार में फर्जी खबर प्रकाशित हो चुकी थी, अखबार वालों ने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया आखिरकार ईमानदार पुलिस ऑफिसर को मुकदमा लिखना पड़ा फिलहाल संदीप शर्मा द्वारा एसपी शाहजहांपुर को इस पूरे मामले में अवगत कराया गया है जिसके साक्ष्य भी संदीप शर्मा ने शाहजहांपुर पुलिस कप्तान को सीडी के रूप में दे दिए एक कहावत तो आप सबने सुनी होगी होगी।

"मुझे तो अपनों ने ही लूटा बेगानों में कहां दम था"

"मेरी किश्ती वहां डूबी जहां पानी बहुत कम था"

फिलहाल संदीप शर्मा को कानून पर पूरा भरोसा है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूर होगी जिसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से बताया गया है कि इस प्रकरण की जांच गंभीरता से की जाए क्योंकि संदीप शर्मा इस प्रकरण में पूरी तरह से निर्दोष है जिसके साक्ष्य संदीप शर्मा के पास हैं फिलहाल उक्त महिला ने जो आरोप लगाए हैं वह झूठे और निराधार हैं क्योंकि यह सब संदीप शर्मा की छवि को धूमिल करने के लिए किया गया है जिसके साक्षी संदीप शर्मा ने अपने पास रखे हैं और उच्चाधिकारियों को भी दिए गए हैं।

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