गांव को एक सड़क तो दे ही दो खददरधारियों

29 Nov 2019 6:00 PM GMT

बेली जट्टां गांव के लिए सड़क तो दे दो

यह गुहार है हिमांचल प्रदेश के नूरपुर के गांव बेली जटटां के लोगों की

चुनाव जीतने के बाद भस्मासुर बन जाने वाले खददरधारियों की करतूतों से तंग आ चुके वोटरों ने अपनी पीड़ा मीडिया को सुनाई

विकास के वादे और दावे देश के लोगों के लिए सिर्फ और सिर्फ चुनावी सीज़न में कहा एक जुमला ही साबित होता रहा है।

गुज़रे लगभग पचास साल से बेली जटटा गांव के लोग अपने गांव के लिए एक पक्की सड़क की आस लगाए बैठे हैं,

लेकिन कुर्सी मिलने के बाद भस्मासुर बन जाने वालों की नज़र में गांव वालों की पीड़ा की कोई औकात नहीं है।

नतीजा यह है कि इस गांव में आज दिन तक पक्की सड़क नहीं है। करीब 2.5 किलोमीटर की सड़क बन जाए तो इस गांव कि तकदीर बदल जाए लेकिन खददरधारी रोज़गार दाताओं को गुलाम बनाकर रखने में ही गर्व महसूस करते हैं

फतेहपुर विधानसभा के आखिरी छोर पर रियाली पंचायत के गांव बेली जट्टां गांव में तकरीबन 40 परिवार बिना सड़क सुविधा के अपनी गुजर बसर कर रहे हैं।

परेशान होकर गांव वालों ने सरकार को एक महीने का वक्त देकर कहा कि अगर समस्या का समाधान नही हुआ तो गांव वाले धरना प्रदर्शन पर मजबूर होंगे

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