मोदी योगी के विकास की एक और पड़ताल

27 Jun 2019 6:30 PM GMT

पीलीभीत जिले में ब्लॉक बिलसंडा में इन दिनों प्रधानों व सचिवों की मिलीभगत के चलते घोटालेबाजी का धंधा पूरे जोरों पर है।

यहाँ तक कि जो गांव ओडीएफ घोषित किये गए हैं वहां के लोग भी शौचालय से वंचित हैं।

आपको बता दें कि जितने भी जंगल से सटे गांव हैं वहां बाघ के खतरे के चलते उन्हें ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।

लेकिन वहां के लोग भी प्रधान और सचिव की लूटखसोट के चलते खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

ऐसा ही एक और गांव बिलसंडा ब्लॉक का जंगल किनारे बसा नवदिया मरौरी है।

जो जंगल किनारे होने की वजह से ओडीएफ घोषित है। लेकिन सिर्फ कागजों में।

गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर किसी तरह परिवार का खर्च चला रहा है।

उसके पास न रहने को घर है न ही शौचालय। जिसकी तीन बेटियां भी हैं फिर भी प्रधान को उनका कोई तरस नहीं आया।

उसने बताया कि मकान न होने की वजह से उसने तीन महीने गांव के ही सरकारी स्कूल में वक्त गुजारा, और अब वह पन्नी तानकर गुजारा कर रहा है।

गांव के लोगों ने प्रधान और सचिव पर आवास देने के नाम पर 20 हजार रुपए वसूलने का भी आरोप लगाया है।

इसके साथ ही गांव में मोदी योगी की ढींगों का सच आप तस्वीरों में देखकर खुद ये अंदाजा लगा सकते हैं

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