सब पर सख्ती, भाजपाईयों को छूट

21 Feb 2019 8:30 PM GMT

पुलवामा काण्ड के बाद कश्मीरियों के खिलाफ तरह तरह मामले उठाये जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।

जहां एक तरफ शहीद सैनिकों का खुला अपमान करने वाले बीजेपी सांसद नेपाल सिंह के खिलाफ कार्यवाही करने के नाम पर कानून थरथर कांप रहा है तो वहीं मुस्लिमों की मामूली सी गलतियों को

तूल देने मे ऐड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है।

हम बात कर रहे हैं बरेली आईवीआरआई में कश्मीरी छात्राओं की, आरोप है कि छात्राओं ने सेना पर की टिप्पणी की है, खुफिया एजेंसियो ने शुरू की जांच।

याद दिलादे कि बीजेपी सांसद नेपाल सिंह नें कई दिन पहले मीडिया के सामने सैनिकों की शहादत का खुला मज़ाक उड़ाते हुए तुच्छ टिप्पणी की थी जिसपर खुफिया एजेंसियों के साथ ही मीडिया भी मुंह खोलने से कतरा रही है। तीनों कश्मीरी छात्राओं में से एक पीएचडी कर रही है जबकि दो मास्टर ऑफ वेटनरी साइंस कर रही है।

मामले को लेकर आईवीआरआई के छात्रों ने भी नेता गीरी शुरू करदी है। साथ ही आईवीआरआई प्रशासन भी आग मे घी डालने से पीछे नही है।

यहां हम सेना के खिलाफ टिप्पणी करने को सही नही ठहरा रहे।

लेकिन दोगले रवैये की निन्दा कर रहे है कि सेना के खिलाफ टिप्पणी करने वाले मुस्लिमों के ही खिलाफ कानून क्यों जाग रहा है भाजपाईयों से क्यो सहम रहा है कानून। गौरतलब बात यह है कि छात्राओ ने क्या टिप्पणी की यह बताने से कतरा गये संयुक्त निदेशक।

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