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सवालों के घेरे में कोरोना से बताई गई मौत

29 April 2020 8:37 PM GMT

सवालों के घेरे में वज़ीर अहमद की मौत

तीन दिन पहले वज़ीर को कोरोना पॉज़ीटिव घोषित किया गया था,

बरेली के एक प्राईवेट अस्पताल में तीन दिन तक रखा गया था

कोरोना पॉज़ीटिव बताये गये हजियापुर के डाक्टर वज़ीर अहमद की आज एक प्राईवेट अस्पताल में मौत होने की घोषणा की गई,

कोरोना पॉज़ीटिव बताये जाने के बाद से उथल पुथल हुए हजियापुर मोहल्ले में मौत की खबर से हड़कम्प मच गया,

कोरोना पॉज़ीटिव बताये जाने के बाद से ही इलाके मे तरह तरह के सवाल उठने लगे थे,

वज़ीर की पत्नी और परिवार वालों के साथ मोहल्ले भर के लोगों का कहना था कि वज़ीर गुज़रे पांच छ: साल से डायबेटीज़, टीबी और लो बीपी का मरीज़ था, जिसका एक प्राईवेट अस्पताल में इलाज चलता था,

वज़ीर ने गुज़री रात अस्पताल से खुद अपना वीडियो वायरल करके बताया कि चौदह पन्द्रह घण्टे गुज़रे गये हैं अभी तक डाक्टर तो अलग किसी नर्स ने भी आकर नहीं देखा,

वज़ीर की मौत की खबर के बाद से कई सारे आरोपों के साथ ही ज़हरीला इंजैक्शन लगाकर मारने का आरोप लगाते हुए वज़ीर की पत्नी ने वीडियो वायरल करके साफ तौर पर कहा कि उसके पति की मौत कोरोना से नहीं हुई उसको ज़हर का इंजैक्शन दिया गया

सभी आरोपों को दरकिनार करके भी पूरे मामले को बारीकी से देखा जाये तो मामला पूरी तरह से सवालों के घेरे में घिर चुका है,

क्योंकि वज़ीर को कोरोना पॉज़ीटिव बताने और फिर उसके शव को मोहल्ले और घर वालों के हाथों दिये जाने पर मीडिया मे सवाल उठने के तुरन्त बाद ही मृतक के परिवार के दो और लोगो को कोरोना पॉज़ीटिव बताया जाने लगा, साथ ही अस्पताल के दो डाक्टरों समेत दो कर्मचारियो को भी कोरोना पॉज़ीटिव बता दिया गया, इन सब बातों को मददेनज़र रखकर पूरा मामला सवालों से घिर गया

पहला सवाल:-

अगर मृतक कोरोना पीड़ित था तो उसका शव उसके घर क्यों भेजा गया, जबकि मृतक का घर घनी आबादी के बीच है

दूसरा सवाल:-

कोरोना पीडित का शव परिवार को क्यों सोंपा गया,

तीसरा सवाल:-

कोरोना पीड़ित के शव के पास आम लोगों को क्यों जाने दिया गया, तस्वीरों में देखिये कितनी भीड़ शव को एम्बूलैंस से निकाल रही है

चौथा सवाल:-

शव दफ्न करने में आम लोगों को क्यों शामिल किया गया

पांचवा सवाल

कोरोरा से मरने वाले के शव को रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के हाथों कफन क्यों पहनवाया गया,

छटा सवाल:-

जब मृतक को कोरोना पॉज़ीटिव था तो उसके परिवार को तुरन्त क्वारेन्टाईन पर क्यों नहीं रखा गया

सातवां सवाल:-

परिवार की लगातार जांच होने पर हर बार निगेटिव थी तो अचानक पॉजीटिव कैसे हो गई

मामले को देखने के बाद दो खास सवाल पैदा होते है,

पहला कि क्या मृतक की रिपोर्ट गलत बनी थी, जिसे निभाने के लिए इतना लम्बा तमाशा किया गया

या फिर अगर रिपोर्ट सही थी तो कोरोना से मरने वाले के शव को जनता के हाथों मे देकर पूरे इलाके को इन्फैक्टेड करने की कोशिश है

बाहरी मीडिया कर्मियों को हजियापुर मे ना जाने देना तो अलग बात थी, बल्कि जो रिपोर्टर हजियापुर में ही रहते है उन्हे भी कवरेज ना करने देने की वजह क्या है

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