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CORONA बचाव सिर्फ भाषणों, सन्देशों और मशविरों तक

20 March 2020 1:30 PM GMT

कोरोना का हौवा,

एक दूसरे से दूरी बनाकर रहें,

ज़्यादा भीड़ ना लगायें,

घरों से ना निकले,

मुंह नाक ढककर रखें,

भीड़भाड़ में वायरस फैलने का खतरा है,

जनता कर्फ्यू लगायें,

गन्दगी ना होने दें,

इसी सरीखे तमाम फार्मूले सिर्फ जनता ही अपनाये और सरकार सिर्फ भाषणबाज़ी करे और विज्ञापनों पर बजट ठिकाने लगाती रहे

कोरोना वायरस नाम के हौवे ने देश को हिलाकर रख दिया है,

देश में इतने मामले सामने नहीं आए जितना हू हल्ला सरकार ने कर रखा है,

करोड़ों रूपये ठिकाने लगाकर मच्छर मुक्त बंगलों मे आराम करने वाले, करोड़ों रूपये फूंक फूंककर बंगलों को चकाचक कराने वाले, लगातार बिजली सप्लाई पाने वाले, लाखों रूपये रोज़ नकली और मिलावट मुक्त खाने पर उड़ाकर खाना खाने वाले, करोड़ों रूपये कीमतों के आरओ लगवाकर फिल्टर पानी पीने वाले खददरधारी कोरोना को लेकर सिर्फ जनता को उपदेश देकर ही महान बनते नज़र आ रहे हैं

करोड़ों रूपये फूंककर सुनाये जा रहे तमाम भाषणों और अपीलों को सुनकर एवीएन नेटवर्क ने कोरोना से बचाव के लिए सरकार के कामों को परखने की कोशिश शुरू करदी,

कोरोना से बचाव के लिए सरकार की कोशिशों को परखने के लिए हमारे यूपी स्टेट हैड संदीप शर्मा ने उस सच्चाई की परते खोलदीं जो कोरोना से बचाव के लिए सरकार का सबसे पहला कदम होना चाहिये था,

आप जो तस्वीरें देख रहे है ये है यूपी के शाहजहांपुर ज़िले की,

जहां डग्गामार वाहनों में ठूंस ठूंसकर सवारियां भरने का नियम है, यानि सेवेन सीटर वाहन में 22 - 24 सवारियां बैठाने की छूट है,

एक तरफ कोरोना का हौवा दिखाकर लोगों एक दूसरे से दूरी बनाये रखने के पहाड़े पढ़ाये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ तस्वीरें सरकार की तैयारियों की ज़मीनी हकीकत आपके सामने है,

करोड़ों रूपये उड़ाकर सुनाये जा रहे भाषणों को सुनने और तस्वीरों को देखने के बाद कई सवाल पैदा होते हैं

पहला यह कि अगर कोरोना से बचाव के लिए कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखना ज़रूरी है तो देश भर में दौड़ रहे करोड़ो डग्गामार वाहनों में मीटर छोडिये इंचों की दूरी भी नहीं रहती,

दूसरा यह कि क्या सरकार का काम सिर्फ उपदेश देना ही है कुछ ठोस कदम उठाना नहीं

या फिर इस हौवे के पीछे सरकार की कुछ और मंशा है

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