पकड़े गये असल आतंकी, एक बीजेपी नेता का रिश्तेदार

2017-02-09 14:30:59.0

पकड़े गये असल आतंकी, एक बीजेपी नेता का रिश्तेदार

(TM24/KNews)

मध्य प्रदेश एटीएस ने आईएसआई के 11 अस्ली एजेंटों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई हैं। ये सभी असल आतंकी कॉल सेंटर की आड़ में सेना की सीक्रेट इन्फॉर्मेशन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजते थे। इनकी गिरफ्तारी प्रदेश के अलग-अलग शहरों भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और सतना से की गई है।


एटीएस के मुताबिक जितेंद्र ठाकुर और कुश पंडित नाम के दो आतंकी कॉल सेंटर का संचालन करते थे। दोनों मिलकर नौकरी और लॉटरी की आड़ में सूचनाओं का लेन-देन करते थे, जितेंद्र ठाकुर ग्वालियर में भाजपा पार्षद का रिश्तेदार हैं।


गुरुवार को प्रेस कांन्फ्रेंस में एटीएस चीफ संजीव शमी ने कहा कि ये लोग इंटरनेट कॉल को सेल्युलर कॉल में ट्रांसफर कर देते थे, इससे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स की आइडेंटिफिकेशन नहीं हो सकती थी। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए टेलीफोन एक्सचेंज ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में मिले हैं। ये लोग पैरेलल टेलीफोन एक्सचेंज चलाते थे. सभी पर देशद्रोह और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।


शमी के अनुसार, नवंबर 2016 में जम्मू से सतविंदर और दादू को गिरफ्तार किया गया था। सतविंदर पाक हैंडलर्स के कहने पर मिलिट्री इन्फॉर्मेशन इकट्ठा कर पाक हैंडलर्स को दे रहा था, सतविंदर के अकाउंट में पैसे सतना का बलराम डिपॉजिट करता था।


देश के इन असल आतंकियों को पकड़ने में केंद्रीय टेलिकॉम मंत्रालय की टीईआरएम (टेलिकॉम एनफोर्समेंट रिसोर्स एंड मॉनिटरिगं) सेल ने एटीएस की मदद की है। जनवरी में यूपी एटीएस ने 11 गद्दारों को इसी तरह का अवैध टेलिकॉम एक्सचेंज चलाने के मामले में गिरफ्तार किया था।


यूपी एटीएस द्वारा दिल्ली के महरौली इलाके से गिरफ्तार किए गए गुलशन सेन से ही मप्र में आईएसआई एजेंट होने की जानकारी हाथ लगी थी। सेना से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान भेजने का खुलासा होने के बाद यूपी एटीएस ने जम्मू-कश्मीर मिलेट्री इंटेलीजेंस यूनिट को इसकी जानकारी दी थी। जिसमें 24 से ज्यादा सेना के कर्मचारियों को इस तरह के फोन आने की बात सामने आई थी।


एटीएस चीफ संजीव शमी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जासूसी रैकेट के बारे में खुलासा किया। एटीएस चीफ ने बताया कि अब तक ग्वालियर से 5, भोपाल से 3, जबलपुर से 2 और सतना से एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।

उन्होंने बताया कि इस पूरे रैकेट में निजी मोबाइल कंपनियों के कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत भी मिले हैं। आरोपी कॉल सेंटर का संचालन करते थे। इसके जरिए नौकरी और लॉटरी की आड़ में सूचनाओं का लेन-देन किया जा रहा था।


पिछले साल जम्मू-कश्मीर में सुखविंदर और दादू नाम के 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इन दोनों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ था कि देशद्रोही गतिविधियों में मध्य प्रदेश से मदद मुहैया कराई जा रही थी। इस इनपुट के आधार पर एटीएस ने अपना जाल बिछाते हुए अब तक 11 लोगों को धरदबोचा है।


इस मामले में मध्य प्रदेश एटीएस ने पांच पाक एजेंण्टों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर भारत की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजने का आरोप है। एटीएस के अनुसार जितेंद्र ठाकुर और कुश पंडित नाम के दो व्यक्ति कॉल सेंटर का संचालन करते थे। दोनों मिलकर नौकरी और लॉटरी की आड़ में सूचनाओं का लेन-देन करते थे।


जितेंद्र ठाकुर ग्वालियर के एक वार्ड की भाजपा पार्षद का रिश्तेदार है। वही, कुश पंडित और रितेश खुल्लर सहित अन्य असल गद्दारों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एटीएस ने इन आतंकियों को ग्वालियर, सतना और भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों को देश में आर्मी के ऑपरेशन्स की जानकारी इकट्ठा करने में मदद करता था।


देश के असल गद्दारों का यह गिरोह सिम बॉक्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डाटा कार्ड और लेपटॉप के जरिए पेरेलर टेलीफोन एक्सचेंज चलाता था। पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों के कॉल्स को रूट कर स्थानीय नम्बरों के जरिए देश की खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में गिरोह मदद करता था। एटीएस ने इनके पास से मोबाइल फोन, कई कंपनियों की सिम कार्ड, सिम बाक्स, लेपटॉप, चाईनीज बॉक्स आदि बरामद किया है।


खबरों से लगातार अपडेट रहने के लिए एवीएन की एप्प इंस्टाल करिये - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.ally.avnn

  Similar Posts

Share it
Top