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लॉकडाऊन - बरेली में सभ्य अपील, शाहजहांपुर में सिर्फ गाली - लाठी

22 March 2020 2:15 PM GMT

कोरोना वायरस से बचने के नाम पर आज बाईस फरवरी को पूरे देश में लॉकडाऊन किया गया,

मामला खतरनाक बीमारी के नाम पर है इसलिए देश भर ने बिना किसी भेदभाव के समर्थन किया,

बाज़ारों से गली कूचों तक सन्नाटे दिखे,

बरेली मे पूरी तरह से बन्द सफल दिखा,

हर मामले की तरह ही इस मामले मे भी बरेली प्रशासन ने जन समर्थन हासिल कर लिया, बरेली में पुलिस ने लोगों को टोका टाकी ज़रूर की लेकिन किसी से किसी तरह से नागवार बात नहीं की,

एक तरफ जहां इज़्ज़तनगर रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छाया रहा तो वहीं जंकशन पर पैसेंजर परेशान दिखे,

जहां एक तरफ बरेली पुलिस ने पूरी तरह से सभ्य भाषा का इस्तेमाल करते हुए लोगों को घरों मे ही रहने को राज़ी किया तो वहीं शाहजहांपुर पुलिस को मौका मिल गया गुलाम जनता को आतंकित करने का,

शाहजहांपुर में पुलिस ने जमकर तानाशाही दिखाई, जो दिखा लठियाना शुरू कर दिया, शाहजहांपुर में पुलिस ने किसी से बाहर निकलने की वजह नहीं पूछी, कोई दवा लेने जा रहा था तो कोई दूध की तलाश मे निकला था, लेकिन पुलिस ने सीधे पीटना शुरू कर दिया,

अब कोरोना से निबटने के लिए बरेली नगर निगम के योगदान पर भी नज़र डालिये, ये तस्वीरे है बरेली शहामतगंज के बाज़ारी इलाके, हजियापुर, सैलानी, कर्मचारीनगर की, तस्वीरे बता रही हैं कि गौतम का नगर निगम किस हद तक शहर को कोरोना से बचाने की कोशिश मे लगा है,

कोरोना के नाम पर एक दिन के मोदी लॉकडाउन ने ही लाखों करोड़ों घरों मे चूल्हे नही जले,

दोपहर बाद अभी तो पच्चीस मार्च तक के लिए लाकडाउन बढ़ाया गया हो सकता है और भी बढ़ाया जा सकता है

एक दिन के लॉकडाउन ने ही करोड़ो परिवारों को भूखे सुला दिया, तीन दिन में क्या हाल होगा गरीबों का इसका जवाब किसी के पास नहीं है

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