शहीदों की चिताओं पर जश्न

2 March 2019 6:53 PM GMT

पुलवामा में शहीद हुए देश के 44 जांबाज़ जवानों की चिताओं की आग तक अभी ठण्डी नहीं हुई, जवानों मां बाप, भाई बहनों बीवियों और बच्चों के आखों से बहने वाले आंसू अभी रूके भी नहीं कि कुछ लोगों ने ढोल लगांड़े बजाना नाचना गाना शुरू कर दिया, समझना मुश्किल हो गया है कि आखिर इंसानियत कहां जाकर मर गयी है।

हमें विंग कमाण्डर अभिनन्दन की सलामती से दुखी नहीं है लेकिन इनकी वापसी की खुशी को जवानो की शहादत से ऊपर नहीं ला सकते।

अगर नाचने गाने का काम कोई नासमझ करे तो समझ मे आता है लेकिन अगर एक जिम्मेदार ओहदे पर बैठा अच्छा पढ़ा लिखा शख्स ऐसी हरकत करता है तो यह शर्म की बात है।

जहां कल यानी एक मार्च को बरेली के मेयर ने जवानों की चिताओं पर जमकर जश्न मनाया तो वहीं शाहजहांपुर के बण्डा में मे शहीदों की कुर्बानी को पामाल किया गया।

यह नज़ारा है शुक्रवार को बरेली के अय्यूब खां चौराहे का जहां मेयर उमेश गौतम जश्न मनाने मे मशगूल है।

यह तस्वीरें है शाहजहांपुर के बण्डा की

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