Top

बरेली की बड़ी खानकाहों से पालतू मीडिया का बायकाट

6 April 2020 9:30 AM GMT

दरगाहों और मुसलमानों के खिलाफ साज़िशें करने वाले पालतू चैनलों और अखबारों का बायकाट

लम्बे अर्से से मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ नंगा नाच करके पत्रकारिता जैसे पेशे को कलंकित करने वाले दलालों की हरकतों से लोग ऊबने लगे हैं,

मामला चाहे अफगानिस्तान, इराक, सीरिया या पाकिस्तान का हो या फिर कश्मीर या बंगाल का, दलाल मुसलमानों के खिलाफ मुजरे शुरू कर देते हैं,

पालतू मीडिया के दलालों की नीचता को बरदाश्त करने का प्याला भर गया,

हालिया वक्त में कोरोना के बहाने दरगाह निज़ामुददीन के खिलाफ नाच शुरू करके लकसर, शाहजहांपुर और बरेली की दरगाहों के साजिशी नाच शुरू कर दिया,

गुज़रे हफ्ते बरेली की सैकड़ो साल पुरानी दरगाह शाहाना वली के खिलाफ पालतुओं ने साज़िश रची,

हमेशा से ही दरगाह शाहदाना साहब में रूहानी बीमारों का ठहराव रहता है,

मरीज़ो की मौजूदगी के खिलाफ पालतू मीडिया ने साजिश करनी शुरू कर दी,

हालांकि प्रशासन ने सूझबूझ के साथ मरीजों को उनके घरों तक पहुंचवा दिया,

हम किसी धर्म या पार्टी के खिलाफ नहीं रहते,

लेकिन पालतू मीडिया की साजिश को बेनकाब करने के लिए कुछ तस्वीरें सबूत के तौर पर दिखाते हैं,

ये वो तस्वीरें हैं जो पालतू मीडिया कभी नहीं दिखाती

पालतू मीडिया की साज़िशों से तंग आकर बरेली की तीनो बड़ी दरगाहों ने इनका बहिष्कार कर दिया,

दरगाहों में इन्ट्री पर रोक लगादी गई,

इस बाबत दरगाह शाहदाना साहब के मुतावल्ली ने साफ तौर पर कहा

दरगाह शराफत मियां के सज्जादा नशीन सकलैन मियां के भाई मुमताज़ मियां ने मीडिया से बात करते हुए कहा

सकलैन मियां से ही जुडे समाज सेवी हाजी लतीफ कुरैशी ने साफ शब्दों मे कहा

समाज सेवी और मुस्लिम नेता मुस्तकीम मंसूरी ने भी पालतू मीडिया का बॉयकाट करने की अपील की

बरेली की सबसे पुरानी और बड़ी दरगाह खानकाहे नियाज़िया के बुजुर्ग हज़रत शब्बू मियां ने मीडिया से बात करते हुए कहा

  Similar Posts

Share it
Top