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कोरोना से जूझते देश को जलाने में लगी पालतू मीडिया

10 April 2020 4:37 AM GMT

कोरोना से जूझ रहे देश को दंगों में जलाने की मीडियाई कोशिश

पुलिस के आला अफसरान को भी झूठा साबित करने की कोशिश,

मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाने में लगे पत्रकार कहलाने वाले,

टीवी चैनलों की साजिशों के साथ ही अब मुसलमानों के खिलाफ अखबारों की बड़े पैमाने पर साज़िशें सामने आने लगीं,

निज़ामुददीन दरगाह के बाद बरेली की शाहदाना साहब की दरगाह के खिलाफ साथ ही बरेली के करमपुर काण्ड में पालतू मीडिया की करतूत,

करमपुर के हालात पर नज़रें जमाये आला अफसरान को भी झूठा साबित करने की कोशिश में मुस्लिम दुश्मन पालतू मीडिया,

कोरोना और लॉकडाउन की आड़ में पकाई जा रही खिचड़ी उफन कर बाहर आने लगी,

कोरोना से निबटने के लिए जहां हर पार्टी धर्म जाति के लोग मज़बूती से डटे नज़र आ रहे हैं,

मस्जिदें बन्द पड़ी है मदरसे, मजारात बन्द है,

अगर बात करें यूपी के बरेली की तो बरेली प्रशासन ने बड़ी ही खूबसूरती और सभ्यता के साथ लॉकडाउन को कामयाबी से लागू रखा,

कुछेक शरारतियों के अलावा कहीं पर भी प्रशासन को जूझना नहीं पड़ा,

अगर बात करे शाहदाना साहब की दरगाह की तो वहां भी पालतू मीडिया का ही प्रोपकंडा रहा,

वहां सिर्फ रूहानी मरीज़ मौजूद थे,

कोई जमाती नहीं दिखा पाई मीडिया,

प्रशासन ने भी मान लिया कि दरगाह में सिर्फ मरीज़ थे,

वे भी वो लोग थे जिन्हें निकलवाने के लिए दरगाह प्रबन्धन ने कई बार अफसरान को लिखा था,

आप जानते ही है और पूरी दुनिया जानती है कि तबलीगी जमात में मज़ार को मानना या मज़ारात पर जाना मना है, ऐसे मे सोचिये जमाती लोग का दरगाह पर होने का सवाल ही पैदा नही होता....

अब बात करते है करमपुर काण्ड की,

बरेली का करमपुर पूरी तरह से रज़वी मुसलमानों का गांव है,

वहां जमात के लोगों की इन्ट्री ही नही है,

लेकिन मीडिया को वहां जमात दिखी,

करमपुर काण्ड को लेकर पालतू मीडिया ने मुस्लिम समाज के खिलाफ शासन प्रशासन को गुमराह करके मुस्लिमों पर ज़्यादा सख्ती कराने की साज़िश रची गई,

तस्वीरों में आप देख रहे हैं बरेली के कुछ अखबारों और सोशलमीडिया की करतूत

देखी और पढ़ी आपने मीडिया की करतूत,

आईये अब करमपुर हालात से जूझकर माहौल को खराब होने से बचाने वाले आला अफसरान क्या बता रहे है करमपुर काण्ड की बाबत

सुना आपने ये तीनों ही अफसरान साफ कह रहे है कि लॉकडाउन का पालन कराने गये पुलिस वालों पर कुछ लोगों ने हमला किया गया,

इतना ही नही मीडिया ने पुलिस को भी भड़काने की कोशिश के तहत लिखा कि एएसपी पर हमला हुआ,

पुलिस अफसर पर हमलें की मीडियाई साज़िश को भी आला अफसरान ने खारिज करते हुए बताया

पालतू मीडिया की ये साज़िश दरगाह निज़ामुददीन, या बरेली की दरगाह शाहदाना साहब और करमपुर तक ही नहीं रही,

बल्कि यह साजिश यूपी के कोशाम्बी मे भी की गई,

जिसे कोशाम्बी के एसपी ने सिरे से खारिज करते हुए कहा

उत्तराखण्ड के मुस्लिम दुश्मन एक दलाल चैनल ने खबर चलाई कि फिरोजाबाद मे 4 तबलीगी जमाती कोरोना पॉजेटिव, इन्हे लेने पहुंची मेडीकल टीम पर हुआ पथराव

इतना ही नहीं इस दलाल ने फिरोज़ाबाद पुलिस को गुमराह करके पुलिस के ट्वीटर हैण्डिल पर अपने आतंक को टैग भी किया,

देखी आपने इसकी करतूत,

हालांकि फिरोज़ाबाद पुलिस ने इसको इसकी औकात बताते हुए तत्काल ट्वीट डिलीट करने की हिदायत दी,

अब एक और नीच और गन्दे खून की हरकत भी देखिये,

इस दल्ले ने अपनी आतंकी हरकत दिखाते हुए इलाहाबाद के एक कत्ल को तबलीगी जमात से जोड़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की,

लेकिन फिरोजपुर पुलिस की तरह ही इलाहाबाद पुलिस इसके बहकावे नहीं आई और पूरी बेबाकी से मामला का खुलासा करके इस दलाल के मुंह पर थूक दिया

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