कुरआन की शिक्षायें केवल मुसलमानों के लिए नही सारी मानव जाति के लिए है

2017-03-03 06:00:24.0

कुरआन की शिक्षायें केवल मुसलमानों के लिए नही सारी मानव जाति के लिए है

मुसलमान ही नहीं हज़ारों हिन्दू भी पहुंचे तक़दीर सुनने


पिपरई/अशोकनगर (हेमन्त यादव) मोहम्मद साहब के अखलाक से दुनिया में इस्लाम फैला है। इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं है। मोहम्मद साहब ने अपने ऊपर कचरा फेंकने वाली महिला को भी माफ कर दिया और बीमारी में हालत जानने के लिए उसके घर पहुंचे। इस्लाम ने अमन का पैगाम दिया है। जुल्म करने वाले के लिए अल्लाह जहन्नुम के दरवाजे खोल देता है। यह बात यूपी के बांदा से आए हजरत मौलाना सैय्यद हबीब अहमद साहब ने कही वह मदरसा सिद्दीकीया सिराजुल उलूम ततारपुर में आयोजित हुए जलसे में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में जहालत कायम थी और ईमान खत्म हो चुका था उस वक्त अल्लाह ने रसूले पाक को दुनिया में भेजा। मानों सारी दुनिया रौशन हो गई और एक ऐसा बदलाव आया जिससे आज तक दुनिया में रौशन है और कयामत तक रहेगी। हजरत ने कहा कि रसूले पाक ने दुनिया में फैली हुई बुराईयों को खत्म किया। आपने दुनिया को इंसानियत की तालीम, तरबियत व राहे हिदायत दिखाई। फिरोजाबाद इंटर कॉलेज से तशरीफ लाए मुफ्ती आदम मुस्तफा साहब ने कहा कि हमारी असल जिंदगी का मकसद मोहम्मद साहब के तरीके पर चलना है अपना जीवन दीनदारी और सच्चाई के साथ मोहम्मद साहब के रास्ते पर चल कर ही गुजरे तब जाकर हम दुनिया और आखिरत में कामयाब हो पाएंगे साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी धर्म के लोग अल्लाह के बंदे हैं। अल्लाह फरमाता है कि जमीन वालों पर तुम रहम करो, आसमान वाला तुम पर रहम करेगा। तुम्हारे पड़ौस में अगर गैर मुस्लिम रहता है, उसके घर खाना नहीं बना है वह भूखा है तो उस वक्त तक रोटी मत खाओ जब तक उसे न खिला न दो। पड़ोसी भूखा है और तुमने एक निवाला भी खा लिया तो वो तुम्हारे लिए हराम है। पड़ौसी से अच्छा बर्ताव करने से तुम कभी भूखे नहीं रहोगे। इस दौरान उलेमाओं ने मदरसे में हिफ्ज किये गए बच्चों की दस्तारबंदी की। जिसमें जैनुल अबदीन वैरासिया मोहम्मद आमिर मुर्वास और मोहम्मद आमिर भिला गांव जिला विदिशा शामिल है। बच्चों की इस शानदार कामयाबी पर उलेमाओं ने खुश होते हुए कहा कि यह मेहनत मदरसे के उस्ताद कारी खलील साहब की है। जो आज बच्चें हाफिज-ए-कुरान हो गए। जिससे खुश होकर उलेमाओं ने कारी खलील साहब की भी दस्तारबंदी की। अंत में हजरत मौलाना सैय्यद हबीब अहमद साहब ने दुआ कराई। जिसमें हजारों लोगों ने देश में अमन चैन शांति और आपसी भाईचारे के लिए अल्लाह पाक से दुआ मांगी। इस मौके पर तकरीर सुनने के लिये मुंगावली, गोरा, गदुली, नरखेड़ा, गुरईया, शढोरा, अशोकनगर, कर्र चिरमास, तमाशा सेहराई, जमाखेड़ी, गरेढी, से मुस्लिम समाज के साथ-साथ बडी संख्या में हिन्दू समाज के लोग भी पहुंचे।

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