खस्ता हाल मन्दिर, मस्त मन्दिर मन्दिर करने वाले

30 March 2019 3:59 PM GMT

राम मन्दिर और बाबरी मस्जिद के नाम पर सियासी रोटियां सेकने वाली बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समाज को लगातार बांटती रही है।

लेकिन हकीकत में मन्दिर या भगवान का मोह किसी को नहीं है।

राम मन्दिर के नाम पर हिन्दू समाज को उकसाकर सत्ता तक पहुंचना ही असल मकसद है।

अगर बात मन्दिर या भगवान से सच्चे प्रेम की होती तब शायद हजारों की तादाद में मन्दिर जर्जर हालत में नहीं होते, गांव गली के मन्दिरों की हालत सुधारने की कोशिश की जाती।

आज हम बात कर रहे हैं शाहजहांपुर की बंडा और खुटार ब्लॉक के बीचो-बीच बह रही गोमती नदी के किनारे बसे मझरिया घाट मंदिर की इसकी स्थापना को 40 साल से ज्यादा हो चुके हैं।

इस मंदिर की दीवारें गिरने की कगार पर हैं।

ऐसा नहीं है की मंदिर निर्माण के लिए पैसा नहीं है फिर भी मंदिर की दुर्दशा आप खुद तस्वीरों में देख रहे हैं।

ऐसे ही देश में लाखो मंदिर मौजूद है, लेकिन हमेशा सरकारों का ध्यान सिर्फ राम मंदिर पर ही क्यों जाता है क्या राजनीति इतनी गिर चुकी है कि धर्म के कुछ ठेकेदार अपने चार मोहरे बिछाकर जनता को ठगने चले आते हैं लेकिन इन छोटे छोटे मंदिरों पर किसी का ध्यान नहीं जाता जो इस वक्त जर्जर हालत में है।

ब्यूरो रिपोर्ट शाहजहांपुर

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