रोड नहीं तो वोट नहीं

2017-01-18 14:15:20.0

रोड नहीं तो वोट नहीं

मामला ग्राम पंचायत लुहरगांव का
डीएम की चैपाल में भी ग्रामीणों की उठायी थी सड़क निर्माण की मांग
मंडल ब्यूरो झाँसी
उरई-जालौन (राहुल गुप्ता) ग्राम पंचायत लुहरगांव के बाशिंदे पिछले डेढ़ दशक से मुख्य मार्ग से गांव तक का सम्पर्क मार्ग का निर्माण न कराने जाने से आक्रोशित गांव के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों के चुनाव की बहिष्कार करने पर अड़ जाने के बाद अभी तक कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा था।
गौरतलब हो कि कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत लुहरगांव निवासी शैलेंद्र सिंह के अनुसार ग्राम से मुख्य रोड लिंक मार्ग के दुरुस्तीकरण की मांग सभी ग्रामीण पिछले डेढ़ दशक से उठाते रहे लेकिन उनकी समस्या के प्रति न तो अधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने आलम यह है कि आज भी ग्रामीण जर्जर सड़क से ही अपने गांव को आते जाते हैं। ग्रामीणों का कहना था कि वह सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक से लेकर सांसद तक को अवगत कराया और बदले में उन्हें हमेशा आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। 22 अक्टूबर 2016 को जिलाधिकारी संदीप कौर ने गांव में चैपाल लगायी थी तब भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठायी थी जिस पर जिलाधिकारी ने भी चैपाल में इस बात को स्वीकार किया था कि गांव आने वाली सड़क की स्थिति वास्तव में बेहद खराब है। जिलाधिकारी ने चैपाल में उपस्थित विभागीय अधिकारियों से बात कर गांव वालों को आश्वासन दिया था कि आपकी सड़क दो माह में बनकर तैयार हो जायेगी। लेकिन चैपाल के बाद कोई भी अधिकारी गांव में ग्रामीणों की सुध लेने नहीं आया और न ही उन्होंने जिलाधिकारी के आश्वासन को पूरा करने में कोई रुचि दिखायी। जर्जर संपर्क मार्ग का निर्माण न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने नारा बुलंद किया है कि रोड नही तो वोट नहीं का बैनर गांव में लगा दिया है। हालांकि लुहरगांव में अभी तक राजनैतिक दलों के प्रत्याशी वोट मांगने नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीण शैलेंद्र सिंह, प्रधान कमल सिंह पाल, विजय सिंह, दीपक सिंह, अनुवेद, अतुल पाल, रामजी सहित अनेकों ग्रामीणों ने 15 वर्षों से सड़क का निर्माण न कराये जाने पर गुस्से का इजहार किय है।

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