कमाई के लिए "कब्र बिज्जू" बनी रमन सरकार

2017-03-04 13:34:31.0

कमाई के लिए कब्र बिज्जू बनी रमन सरकार

कहीं पर रैली निकाली गई तो कही पर धरना

रायपुर (बृजनरायन साहू) शहर जिला कांग्रेस के बैनर तले घासीदास प्लाजा के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर नई आबकारी नीति के खिलाफ आक्रोश जताया, इस दौरान मुख्यमन्त्री जो कि छत्तीसगढ़ में चाउर वाले बाबा के नाम से जाने जाते है लेकिन केबिनेट में शराब बेचने का फैसला लेकर शराब वाले बाबा बन गए है, उनको शराब से मिलने वाले राजस्व की चिंता तो है इससे प्रदेश की जनता बर्बाद हो रही पीढ़ी की चिंता नहीं है, भाजपा सरकारें खुद को संवेदनशील सरकार कहलवाती है लेकिन इनको जनता के हितों से कोई सरोकार नज़र नहीं आता है, शराबखोरी से रोज हजारों परिवार बरबादी की ओर बड़ रहे है प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था दिनो दिन लाचार हो रही है इसकी चिंता करने के बजाय सरकार ही शराब दुकान खोल रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार अपने शराब नीति के उन्माद के चलते अब जीवित लोगो को छोड़कर कब्र में दफन लोगो को अपमानित करने में आमादा है। मुख्यमंत्री रमन सिंह के वंशवादी सांसद पुत्र अभिषेक सिंह के लोकसभा क्षेत्र के खैरागढ़ विधानसभा के धरमपुरा में सरकार के लोग कबीर पंथियों के बच्चो के कब्र की खुदाई शुरू करदी है, जब खुदाई से छोटे बच्चे-बच्चियों के हड्डियां निकलने लगे तो रोते हुवे परिजनों ने अधिकारियो से विनती करते हुवे कहा कि उनको कुछ समय दिया जाये ताकि वो अपने नातिन की हड्डियों को और कही दफन कर सके। ऐसा कृत्य केवल कब्र बिज्जू ही किया करते थे, आज वो कृत्य रमन सरकार कर रही है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि धरमपुरा में जिस परिवार के बच्चे की हड्डियां रमन सरकार ने शराब दुकान के नींव के लिये शमशान की भूमि में खुदवाई थी वो पूर्व सैनिक मनहरण निर्मलकर की नातिन थी, इस घटना से पूरे प्रदेश के शांतिप्रिय कबीरपंथी समाज में रोष व्यापत है, पर रमन सरकार के हिटलरशाही नीतियों के कारण सब मूकदर्शक बने हुये है। हर घर शराब पहुचने और नये युवाओं को नशे में धकेलने के लिये राज्य की रमन सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे मानवता कलंकित हो रही है, और मानवाधिकार हनन हो रहा है।

विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पिछड़ा वर्ग के कबीरपंथी समाज पर हो रहे अत्याचार पर आरएसएस मौन है, ये बड़े ही आश्चर्य की बात है, जबकि आरएसएस हिन्दू हित के ढोल पीटने में नही चुकती फिर क्या करना है, कि अपनों के द्वारा लगातार आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति के हिन्दू धर्मालंबियों पर हो रहे घनघोर अत्याचार पर आरएसएस धृतराष्ट्र बने बैठी है। खैरागढ़ के पूर्व सैनिक के परिजनों की हड्डियों को कब्र से अपमानित करके निकलने की घटना पर भी संघ मौन है, या रमन सरकार के इस हिटलरशाही कार्यो पर उनकी मौन सहमति है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि रमन सरकार अब शराब बेचने के लिये "कबर-बिज्जू" बन गयी है, अपनी जनता पर इतना अत्याचार रावण और कंस नही किये होंगे जितना आज छत्तीसगढ़ राज्य की रमन सिंह सरकार कर रही है, "कबर-बिज्जू" बनी इस सरकार की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लिखित रूप में करेंगे। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाये वो कम ही है।
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