एसपीजीसी ने किया 11 अरब 6 करोड़ 59 लख 98 हजार 434 रुपये का बजट पास किया

2017-03-29 12:00:58.0

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने आज वित्तिय वर्ष 2017-18 के लिए 11 अरब 6 करोड़ 59 लख 98 हजार 434 रुपये का बजट पास किया। इस बार का बजट पिछली साल के बजट से 88 करोड़ 10 लाख 6 हजार रुपये ज्यादा है। तेजा सिंह समुंद्री हाल में श्री गुरुग्रंथ साहिब की हाजिरी में पारित किए गए इस बजट को एसजीपीसी के जनरल सचिव भाई अमरजीत सिंह चावला ने जनरल हाउस के सामने पेश किया। जिसे जनरल हाउस ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। बजट पास करने के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसजीपीसी प्रधान प्रो0 किरपाल सिंह ने बताया कि इस बार के बजट में कई नए प्रावधान किए गए हैं। जिनमें गुरुद्वारा साहिबानों की सेवा संभाल के साथ-साथ धर्म प्रचार के लिए भी बजट को दोगुना कर दिया है। इतना ही नहीं, एसजीपीसी की तरफ से चलाए जा रहे स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर पांचवीं तक की कक्षा में गुरमति की शिक्षा को जरूरी बना दिया गया है। इसके अलावा सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों की सुख सुविधा को ध्यान में रखते हुए और सरायों का निर्माण किया जाएगा। इतना ही नहीं, सारागढ़ी अत्याधुनिक सराय को 15 अप्रैल को संगत को सौंप दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में रोजाना होने वाले गुरवाणी पाठ के सीधे प्रसारण के अधिकार को और भी चैनलों को देने पर भी विचार किया जा सकता है। ताकि गुरवाणी के प्रसारण के साथ-साथ सिख धर्म का भी प्रचार प्रसार संभव हो सके। एसजीपीसी प्रधान ने बताया कि वह जल्द ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के साथ मिलकर फिर से अमृत संचार की प्रक्रिया को शुरू करेंगे। ताकि इससे जहां नौजवान न सिर्फ फिर से सिख धर्म के साथ जुड़ सकें, बल्कि उन्हें नशाखोरी की लत से भी निजात मिल सके। सरबत खालसा की तरफ से नियुक्त किए गए जत्थेदारों को एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने एक बार फिर से बातचीत का न्यौता दिया है, ताकि सिख संगत में पैदा हुई दुविधा को दूर किया जा सके। इतना ही नहीं, इस मौके पर उन्होंने श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों की कड़ी निंदा कर एसजीपीसी ने आईपीसी की धारा 395-ए में तब्दीली कर सजा को और अधिक सख्त बनाने की मांग की गई। इतना ही नहीं, नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए भी केंद्र सरकार से मांग की गई।

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