पोल खुली अखबार के झूठ की, सम्पादक अरैस्ट

2017-02-14 12:30:31.0

पोल खुली अखबार के झूठ की, सम्पादक अरैस्ट

(सियासत)
नई दिल्ली- मीडिया का एक बड़ा गुट किस हद तक झूठी खबरें परोसकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने और बीजेपी ग्रुप की करतूतों को दूसरों पर थोपने में लगा है इसके दर्जनों सबूतों के बाद नये सबूत के तोर पर एक ओर मामला सामने आया है, मामला एक देनिक अखबार के वेब इकाई का है। इस वेब पोर्टल ने उत्तर प्रदेश में चल रहा विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बहकाने के लिए मित्या आधार पर एक्जिट पोल दिखाते हुए बीजेपी की लहर होने का दावा किया था।

दरअसल हमारे देश की भोली भाली गुलाम जनता लहर के हिसाब से वोट करने की लम्बे वक्त तक आदी रही है ओर अभी भी कुछ हद तक ऐसा ही होता है, इसी का फायदा उठाने के लिए अखबार के पोर्टल ने एग्जिट पोल के नाम पर बीजेपी की लहर की अफवाह उड़ादी। आयोग को अपनी ना फरमानी ठीक नही लगी और आयोग ने एफआईआर दर्ज करदी। इसी के तहत सोमवार को देर रात पुलिस ने 'जागरण.कॉम' के संपादक शेखर त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान पहले चरण के मतदान के बाद जागरण ने आयोग की रोक के बावजूद एग्जिट पोल प्रकाशित किया था। इसे चुनाव आयोग ने अपने निर्देशों का उल्लंघन माना।

एक दैनिक अखबार में छपी खबर के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस अखबार के न्यू मीडिया इकाई के सीईओ सुकीर्ति गुप्ता, डिप्यूटी एडिटर वरुण शर्मा और डिजिटल हेड पूजा सेठी के घरों पर भी छापा मारा।
सोमवार को चुनाव आयोग ने उसके निर्देशों के उल्लंघन के मामले में दैनिक के प्रबंधन और प्रधान संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। फिलहाल इस संबंध में विस्तृत जानाकारी की प्रतीक्षा है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने सभी मीडिया संगठनों को निर्देश जारी दिया था कि चुनावों के दौरान एग्जिट या ओपीनियन पोल को प्रकाशित न करें।

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