लोग अपने सिर की छत बेचकर कराते है इलाज, उनसे सर्विस टैक्स वसूलना जुल्म

2017-02-16 11:30:56.0

लोग अपने सिर की छत बेचकर कराते है इलाज, उनसे सर्विस टैक्स वसूलना जुल्म

(आईपीडीसी)
इंदौर। गुलाम जनता को कटोरा थमाने की जुगत में लगी केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पांच फीसदी की दर से सर्विस टैक्स लागू करने के खिलाफ नारायण रुग्णालय के डॉ. देवी शेट्टी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने इसके खिलाफ 12 मार्च को मिजरी डे (आपदा दिवस) मनाने का आह्वान किया है। गुलाम जनता से उनका अनुरोध है कि इस टैक्स के खिलाफ प्रत्येक राज्य में लोग स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्विस टैक्स के खिलाफ पिटिशन के साथ राज्यपाल भवन के बाहर एकत्रित हों।
डॉ. शेट्टी के मुताबिक, नए प्रावधान के अनुसार यदि कोई हार्ट सर्जरी कराता है तो उसे 5 से 10 हजार या उससे अधिक सर्विस टैक्स देना पड़ेगा। कैंसर पीड़ित पर सर्विस टैक्स की यह राशि 20 हजार रुपए से भी अधिक हो सकती है। उनका कहना है, सरकार यह कहकर बचने की कोशिश कर रही है कि यह सिर्फ एयर कंडिशन्ड हॉस्पिटल पर लागू किया जा रहा है, यानी सिर्फ अमीर मरीजों से ही सर्विस टैक्स वसूला जाएगा। हकीकत यह है कि एयर कंडिशन के बगैर ऑपरेशन थियेटर या ब्लड बैंक कानूनी तौर पर चलाई ही नहीं जा सकती है।
बढ़ेगा स्वास्थ्य पर होने वाला खर्चा
डॉ. शेट्टी का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर सकल घरेलू उत्पाद का बमुश्किल एक फीसदी खर्च करती है। पूरी दुनिया में सिर्फ पाकिस्तान ही ऐसा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं पर हमसे कम खर्च करता है। स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाली 80 फीसदी राशि लोगों की जेब से जाती है, जबकि सरकार का दायित्व है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं को आम आदमी की पहुंच में लेकर आए न कि टैक्स लाद कर उसे और महंगा कर दे।

डाक्टर का कहना है कि गरीब ग्रामीणों को भी माइक्रो हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 8 फीसदी टैक्स देना पड़ रहा है। वे बताते हैं, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी ज्यादातर लोगों के लिए दूर की कौड़ी है, उसकी बड़ी वजह है कि अस्पतालों को सेल्स टैक्स, कस्टम ड्यूटी, एंट्री टैक्स, वैट, लग्जरी टैक्स देना पड़ता है। बिजली का बिल भी अधिकतम दर पर वसूला जाता है।
डॉ. शेट्टी के अनुसार, मैंने कई मरीजों को देखा है जो अपना घर बेचकर या किसी से उधार लेकर परिजन का इलाज कराते हैं। मैं इतना पाषाण हृदय नहीं कि उन्हें कह सकूं कि आपसे सर्विस टैक्स के रूप में 5 से 10 फीसदी अतिरिक्त लिया जाएगा। वे कहते हैं, देश की आबादी का 10 फीसदी ही हार्ट, ब्रेन और कैंसर सर्जरी करा पाती है। इसी वजह से हम पूरी दुनिया में सर्वाधिक युवा विधवा वाले देश बन रहे हैं। इलाज का खर्च भी ग्रामीणों के ऋण से दबे होने के प्रमुख कारणों में शामिल है।
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