दलित नाबालिक के साथ रेप व उसकी हत्या

2017-03-02 12:30:58.0

दलित नाबालिक के साथ रेप व उसकी हत्या

कानून का मुंह चिढ़ाती खादी और खाकी

लखीमपुर खीरी (अभिषेक बाजपेयी) गोलागोकरन नाथ तराई की धरती को कलंकित करने वाली गैगरेप व हत्या की घटना से समूचा इलाका दहल गया है लेकिन खाकी और खादी का दिल नही पसीजा है। बीते दिनों नाबालिग दलित बालिका के साथ यह हादसा और घटना स्थल पर मिली मंहगी शराब व वियर की खाली शीशियाँ गवाही दे रही है कि कातिल और हवशी लुटेरों ने पहले शराब पी बाद में नाबालिग को अपनी हवश का शिकार बनाया बाद में रहस्य न खुल जाए इस लिए उसके कपड़े से ही गला घोंटकर हत्या की और लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया।
थाना मैलानी की पुलिस चैकी कुकरा के ग्राम सीतारामपुर जो कि दलित बाहुल्य है और नवयुवक धनवानों का ऐशगाह रहा है यहाँ पर शराब और शबाव का खेल लम्बे समय से चलता चला आ रहा है। बताते चलें कि इस ग्राम में पहले भी कंई बार हादसे घटित हो चुके है पर गरीबी और लाचारी के बीच अमीरजादों के आगे मामले लालच और दवाब के चलते दफन होकर रह गये है रही पुलिस की बात तो उसके सभी फर्ज और डियुटी सिर्फ पैसे की उगाही तक ही सीमित होकर रह गयी। नोट व वोट की राजनीति करने वालों ने सदैव दबंग और धनवानों का ही साथ दिया है। अब नाबालिग व दलित बालिका सजनीदेवी का मामला एक बार फिर से पुलिस और दबंगो के बीच पहेली बनकर ना रह जाए इसकी सम्भावना से इंकार नही किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार थाना मैलानी की पुलिस चैकी कुकरा के ग्राम सीतारामपुर निवासी दलित स्वामी दयाल भार्गव व उसकी पत्नी सुमन देवी भार्गव की नाबालिग पुत्री सजनी देवी को पडो़सी रीना देवी ने 26 फरवरी को घर से बुला कर ले गयी थी बाद में 24घंटे के बाद उसका शव रहस्यमय परिस्थितियों में लगभग दस किमी दूर एक वृक्ष में लटका पाया जाना उसका शरीर ओर हालात गैग रेप व हत्या की ओर इशारा करना तथा आसपास मंहगी शराब और वियर की खाली बोतले व शीशियाँ का पाया जाना इस बात को बल प्रदान करता है कि रहीशजादों का ही यह नर पिशाचा का गंदा खेल खेला गया है बहशी और भूखे भेड़ियों ने इसे एक बार फिर से कलंकित किया है ।रही पुलिस की बात तो खुलासा करना तो दूर की बात उसने इतनी बड़ी घटना का पंजीकरण तक नही किया है जिससे तमाम आशंकाओं को बल मिल रहा है। जब कि गैगरेप व हत्या के आसपास पुलिस कीऔरग्रामीणों की नजर है पर देखना यह है कि पुलिस सही अभियुकतों पर हाँथ डालती है या फर्जी खुलासा करने में विशवास रखती है रही पोस्टमार्दम की बात वह सही रिर्पोट देती है या धनवानों के हाँथो कठपुतली बन कर एक बार फिर सोनम हत्याकांड की तर्ज पर रिर्पोट देती है ।मामला चाहें जो हो पर इस नाबालिग दलित हत्या और गैगरेप का मामला पूरे प्रदेश और देश में फैलना है और लापरवाही पुलिस के लिए गले का फंदा बनना भी सुनिशिचित है और पुलिस अपने ऊपर लगने वाले दाग को धोने में कहाँ तक कामयाब होती यह समय के गभृ में है।दलित वोट की राजनीति करने वालों की खामोशी कब टूटती है यह भी देखने वाली बात है ।
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