सुकमा में आतंकी हमले में 26 जवान शहीद, 6 घायल, 8 लापता

24 April 2017 8:41 PM GMT

सुकमा में आतंकी हमले में 26 जवान शहीद, 6 घायल, 8 लापता

4-5 गैरमुस्लिम आतंकी भी मारे गए, जवानों के हथियार लूटे

पिछले माह भी इसी जिले में हुए थे 12 जवान शहीद

जगदलपुर (बृजनरायन साहू) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज दोपहर पुलिस व आतंकियों के मध्य हुयी मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद एवं 6 जवान घायल हो गए हैं। पुलिस ने मुठभेड़ में 4-5 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया है। आतंकी शहीद जवानों के हथियार भी लूटकर ले गए। हमले के बाद से 8 जवान लापता हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार चिंतागुफा थाने से संयुक्त पुलिस बल गश्त सर्चिंग के लिए रवाना हुआ था। ग्राम बुरकापाल के समीप जंगल में घात लगाए आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फौरन मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी की। लगभग 2 घंटे की मुठभेड़ बाद अंततः आतंकी घने जंगल और पहाड़ी की आड़ लेकर भाग गए।
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अधिकारिेयों ने की 26 के शहादत की पुष्टि
बस्तर डीआईजी पी सुंदरराज एवं सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के 26 जवान शहीद हुए हैं साथ ही 6 जवान गंभीर रूप में जख्मी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद से 8 जवान लापता हैं, जिनकी सरगर्मी से पतासाजी की जा रही है। घायल एक जवान की उपचार के लिए रायपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही सांसे थम गयीं। घायल जवानों को हेलीकाप्टर से रायपुर रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य, खून के धब्बे एवं घसीटे जाने के निशान से यह साबित होता है कि कम से कम 4-5 आतंकी मारे गए हैं और कई लहुलूहान हुए हैं, साथियों के शव नक्सली अपने साथ ले जाने में कामयाब रहे।

घायल जवानों के नाम
एएसआई आरपी हेमब्राम, हेड कांस्टेबल राम मेहर, सीटी स्वरुप कुमार, मोहिन्दर सिंह, जितेंद्र कुमार, शेर मोहम्मद, लटू उरांव।

सप्ताह भर पहले बनी थी हमले की योजना
सुकमा जिले में आतंकियों ने केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवानों को ट्रेप किया है। यहां जवानों के लिए पहले से ही एंबुश लगा रखा था। जवानों को ट्रेप करने के लिए आतंकियों ने कई दिनों पहले ही पूरी प्लानिंग कर ली थी, लेकिन वो सही समय और मौके के इंतजार में थे। सूत्रों के अनुसार हमले के वक्त 200-250 से अधिक आतंकी मौजूद थे, जो आधुनिक हथियारों से लैस थे। आतंकियों के पास मोर्टार भी मौजूद था।

पहले ब्लास्ट किया फिर फायरिंग
जैसे ही जवानों आतंकियों के एंबुश की जद में आए आतंकियों ने जबरदस्त बारूदी सुरंग विस्फोट कर दिया। जवान जब तक संभल पाते पहाडियों में छिपे आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

कंपनी नंबर एक का कारनामा
भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो इस घटना को आतंकियों कि मिलिट्री बटालियन की कंपनी नंबर एक ने अंजाम दिया है और इस पूरे हमले का नेतृत्व आतंकी नेता सीटू ने किया है। इस इलाके की पूरी कमान वैसे तो हिड़मा के हाथों में है और हिड़मा ही इलाके में लीड करता है लेकिन इसके अलावा अर्जुन और सीटू उर्फ सोनू भी यहां सक्रिय हैं।

आसपास कैम्पों के बावजूद एंबुश में फंसे जवान
बुरकापाल के निकट जिस स्थान पर जवान आतंकियों के एंबुश में फंसे थे, उसके आसपास सुरक्षा बलों के कई कैंप हैं। बताया जा रहा है कि यहां हर पांच किमी में एक कैंप है। ऐसे में आतंकियों ने चिंतागुफा थाने से महज डेढ़ किलोमीटर दूर ही जवानों को फंसाने के लिए एंबुश लगाया था।

कल लाए जाएंगे शव
चंकि मुठभेड़ स्थल धुर आतंक प्रभावी दुर्गम क्षेत्र है और अंधेरा घिर आया है इसीलिए फिलहाल शहीदों के शव को लाना सुरक्षा के दृष्टिकोण से संभव नहीं है। इस स्थल पर हेलीकाप्टर उतारना भी संभव नहीं है।

पिछले माह भी शहीद हुए थे 12 जवान
यहां यह उल्लेख करना लाजिमी होगा कि पिछले माह 11 मार्च को ही सुकमा जिले में इंजरम-भेज्जी मार्ग निर्माण को सुरक्षा प्रदान करने रवाना की गयी, सीआरपीएफ 219वीं बटालियन की पार्टी से हुयी मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद एवं 3 अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे, उस वक्त भी आतंकी शहीद जवानों के हथियार लूटकर ले गए थे।

बुर्कापाल नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के शहीद 24 जवानों के नाम
संजय कुमार, रमेश्वर लाल, सुरेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, अभय मिश्रा, बनमाली राम, केके दास, बन्नाराम, एनपी सोनकर, केके पाण्डेय, विनय चंद्र, पी अलगू पंडित, अभय कुमार, एन सेंधिल कुमार, एन थिरुमुरुगन, रंजीत कुमार, केपी सिंह, नरेश यादव, अरुप कर्माकर, आशीष सिंह, मनोज कुमार, नरेश कुमार, रगबीर सिंह,राधामनभम एम।

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