ज़िले का तीसरा गुलामी टैक्स वसूली सैन्टर

10 Feb 2019 9:15 AM GMT

ज़िले का तीसरा गुलामी टैक्स वसूली सैन्टर

बरेली में बन रहा है ज़िले में तीसरा सरकारी रंगदारी वसूली सैन्टर

बरेली - 14 व 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि में ब्रिटिश हुक्मरान ने हिन्दोस्तान से कूच कर लिया, गांधी जी ने एलान किया कि "आज से हम आज़ाद है", गांधी जी के "हम" का अर्थ था "खादी और खाकी" (खादी पहनने वाले और खादीधारियों की ताकत "वर्दी")

हमारे सीधे साधे हिन्दोस्तानी गांधी के "हम" का मतलब "भारतीय" समझ बैठे, जबकि आज़ाद हुई थी सिर्फ खादी और वर्दी, बाकी सब ज्यों के त्यों गुलाम ही रहे, फर्क सिर्फ इतना हुआ कि 15 अगस्त 47 से पहले हिन्दोस्तानी विदेशियों के गुलाम था और अगले दिन से देसियों के गुलाम बना दिये गये

आज हम बात कर रहे है बरेली ज़िले की, जहां के वासियों से उनके ही ज़िले की सीमाओं के अन्दर ही आने जाने पर दो जगह गुलामी टैक्स वसूला जा रहा है, और अब तीसरी जगह भी वसूली की तैयारी है

बरेली मुख्यालय से सिर्फ 12 किमी ० पर फतेहगंज (प०) पर और दूसरा मुख्यालय से 17 किमी० दूरी यानी नैनीताल रोड पर दोहना पर सरकारी रंगदारी वसूली जा रही है

चूंकि बरेली ज़िले के गुलाम मतदाताओं ने नौ विधायक, दो सांसद और दो मंत्री बीजेपी को देकर अपनी गुलामी मे इज़ाफा कर लिया

बीजेपी ने नौ विधायक, दो सांसद देने वाले गुलाम वोटरों के अहसान का बदला चुकाते हुए ज़िले में तीसरा रंगदारी वसूली सैन्टर बनाना शुरू कर दिया

आप जो तस्वीर देख रहे है यह बरेली के फरीदपुर मे बनाये जा रहे गुलामी टैक्स वसूली सैन्टर की है, इसके तैयार होने के बाद बरेली जिले की गुलाम जनता को अपने ही जिले मे इधर से ऊधर आने जाने पर तीन जगह गुलामी टैक्स देना होगा

AVN NETWORK

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