बीमार बच्चों को भगवान भरोसे छोड़कर डाक्टर नैनीताल तफरीह में

2017-10-29 06:00:44.0

किसी जमाने में किसी ने डाक्टर को धरती का भगवान का नाम दिया होगा, यह नाम देने वाला अगर आजके दौर में होता तब शायद वह अपनी बात पर खुद मुंह छिपाता फिर रहा होता।
जी हां हम बात कर रहे हैं दो दिन से नैनीताल की तफरीह पर गये बरेली भर के सभी बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टरों की। शहर भर के सभी बाल रोग विशेषज्ञ अपने परिवारों के साथ नैनीताल का मजा लेने गये हुए है और भर्ती बच्चों को अपने अस्पतालों के अनट्रेण्ड कम्पाउण्डरों व बीएएमएस डाक्टरों के हवाले कर गये है। याद दिलादें कि किसी भी अस्पताल में कम्पाउण्डर या दूसरा स्टाफ प्रशिक्षित नही है। वैसे तो प्रचार यह किया गया कि कोई कांफ्रेंस में गये है मगर कांफ्रेंस में परिवारों समेत जाने से प्रचार हजम नही होता। बच्चों की दवाईयां बनाने वाली कुछ नामी कम्पनियों के एमआर लोगों ने दबी जबान में बताया कि कम्पनी की तरफ से तीन दिन का गिफ्ट पैकेज में नैनीताल भेजा गया है, खैर कुछ भी हो, फिलहाल सोचने वाली बात यह है कि मोसम के उतार चढ़ाव के दौरान एक साथ सभी डाक्टरों का गायब होना कहां की नैतिकता है। ऐसे में अगर किसी के बच्चे की जान चली जाये और उसके परिवार वाले हिसंक बन जाये तो उसे जिले के जिम्मेदार अफसरान या आईएमए क्या मानेंगा।

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