नकली उंगलियों से कराई जा रही है फर्जी वोटिंग

2017-02-24 08:07:15.0

नकली उंगलियों से कराई जा रही है फर्जी वोटिंग

गुलाम वोटरों ने नहीं इन नकली उंगलियों ने बढ़ा दिया मतदान प्रतिशत


सत्ता तक पहुंचने के लिए लोकतंत्र में सेंध लगाते सियासी खिलाड़ी देशभक्त या देशद्रोही


नई दिल्ली-गुजरे लोकसभा चुनावों में ईवीएम मशीनों को सैट करके सत्ता का कब्जियाया गया, सैकड़ों स्टिंग वीडियो सबूतों और तमाम छीछेलेदर के बाद भी आयोग कानों में तेल डाले बैठा रहा। इस बार विधानसभा चुनावों में ईवीएम मशीनों को सैट करने के साथ ही पहले सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश वायरल करके शरीफ वोटरों को बड़गलाने का काम किया गया, इसके साथ ही नकली उंगलियों का इस्तेमाल किया गया। याद दिलादें कि इन दिनों पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने कुछेक को छोड़कर बाकी मीडिया कर्मियों द्वारा बूथ के अन्दर की कवरेज करने पर रोक लगा रखी है जोकि खुद में ही एक अजीब और निष्पक्ष चुनावों की पारदर्शिता पर ीाी सवालिया निशान है।

हिंदुस्तान में हो रहे 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर नकली उंगलियों के जरिये फर्जी मतदान करवाया जा रहा है. जी हां, इन नकली उंगलियों के चुनावी इस्तेमाल के दावे पर उंगली उठाई जा रही है और इन्हें वायरल झूठ बताया जा रहा है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के चुनावों में हो रही वोटिंग में नकली उंगली का इस्तेमाल वायरल झूठ नहीं बल्कि हैरान कर देने वाला 100 फीसदी देसी सच है। क्योंकि सत्ता भोगने के लिए देश की सियासत में हर कोई अपनी ईमानदारी तले इस दाग को भी छिपाना चाहता है क्योंकि इस देश का सच तो यही देश की संसद के भीतर ही 182 सांसद दागी हैं।

वोटर्स की उंगलियों पर स्याही का ये निशान एक से ज्यादा बार वोटिंग को रोकता है. लेकिन लोकतंत्र को मजाक बनाकर किस तरह से उसे ठेंगा दिखाया जा सकता है उसका भी तोड़ निकाल लिया गया है और वो ये नकली उंगलियां. इंडिया संवाद भी इसकी पड़ताल में लगा हुआ है और शुरुआती दौर में यह पता चला है कि नकली उंगलियों के सप्लायर्स ने फर्जी मतदान के लिए भारी मात्रा में इन उंगलियों को सप्लाई किया है.

बेनकाब हुआ चुनाव और नकली उंगलियों का धंधा


कृत्रिम मानव अंगों के बिजनेस करने वाली कंपनियों ने भारी मात्रा में इसकी सप्लाई की। बताया जा रहा है, इन नकली उंगलियों के इस्तेमाल का का सच कुछ एक न्यूज चैनलों ने भी किया, अब यह पूरी तरह से साबित भी हो चुका है कि नकली उंगली से वोटिंग झूठ नहीं बल्कि खादीतन्त्र लोकतंत्र में जुगाड़ु सच है, वोटिंग में नकली उंगली के जरिये एक इंसान से कई बार वोटिंग करवाने के फर्जीवाड़े को धड़ल्ले से अंजाम दिया जा रहा हैं नकली उंगलियों के जरिये फर्जी मतदान का यह सच खादीतन्त्र लोकतंत्र में ऐसी सेंध लगा रहा है।

कुछ एक न्यूज चैनलों ने भी अब इसकी कलई भी खोली जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से यह पूरी प्रक्रिया काम कर रही है. हिंदी के खबरिया न्यूज चैनल आजतक को स्टिंग में भी जिस तरह से इस खेल को दिखाया तो हर कोई हक्का बक्का रह गया, मसलन यूपी चुनाव में नकली उंगलियों के ऑर्डर की भारी डिमांड की बात करते हुये नई दिल्ली के लाजपतनगर में प्कमंस ।तजपपिबपंस स्पउइ ैवसनजपवद नाम की कम्पनी के एक सीनियर कंसल्टेंट अजेंद्र कुमार ने हैरान कर देने वाला सच बताया, उसने बताया कि किस तरह से सुरक्षा एजेंसियों से बचा जा सकता है और उसने नकली उंगलियों को इम्पोर्ट करने की सलाह दीं सौदा सौ फीसदी कैश का किया जाता है जहां आपको उंगलियां या तो खुद इम्पोर्ट करानी होती हैं या आपके लिए इमपोर्ट करा दी जाती है। अब इस बात में कोई शक नहीं रहा कि नकली उंगलियों गलत हाथों में पहुंचकर सिस्टम को ठेंगा नहीं दिखा रही बल्कि तमाचा मार रही हैं. सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह अपराध से निपटना नया चैलेंज है, क्योंकि यह अपराध जरा हटकर और जरा नया है. सिस्टम में सेंध किस तरह से लगाई जा रही है और न जाने बीते चुनावों में कब कब इसका धड़ल्ले से उपयोग किया गया होगा कौन जाने किस सरकार में कितने ही नकली उंगलियों के जरिये सत्ता की गोद में जा बैठे और जिक्र तो जनसमर्थन और जनता के चुने जाने का फिर क्या 2014 और क्या 2017 सब कुछ उंगली की ही तरह नकली।

(साभारः-h.is.c.in)

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