कोतवाली में दिखा सब्जी मंडी जैसा नजारा

2017-01-15 12:30:05.0

कोतवाली में दिखा सब्जी मंडी जैसा नजारा

5 से 10 हजार वसूल कर छोड़े दिये पकड़े गये लोग

मकर संक्रांति पर कोतवाली पुलिस ने की एक लाख की वसूली

उरई-जालौन (राहुल गुप्ता) नगर में चल रहे अवैध सट्टा कारोबार की शिकायत विगत दिवस मीडिया टीम द्वारा सबूत सहित बताये जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को जहां कड़ी फटकार लगायी थ तो वहीं स्वाट टीम पर भरोसा कर सटोरियों को पकड़ने का निर्देश दिया था। इसके बाद टीम ने आनन-फानन में अपने हाथों का हुनर दिखाते हुये कथित 13 सटोरियों को गिरफ्तार करने का दावा करते हुये देर शाम कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। जिनकी शनिवार को प्रातः से ही छोड़ने के लिये निजी मुचलके पर नीलामी शहर कोतवाल के खजांची मुंशी चैहान ने 5 से 10 हजार रुपये वसूल कर लगभग एक लाख रुपये की वसूली कर ग्यारह बजे तक कोतवाली के लाॅकप में बंद पकड़े गये लोगों को छोड़ दिया गया। खास बात तो यह है कि उस दौरान तक शहर कोतवाल अपने आवास में नींद पूरी करते रहे।
शहर कोतवाली के चर्चित मुंशी चैहान को कोतवाल का खजांची माना जाता है जो पकड़े गये लोगों से कितना शुल्क कोष में जमा कराना है उसका निर्धारण वह स्वयं करते हैं। इसके अलावा कागजों की लिखापढ़ी का नजराना अलग से आॅफिस खर्चा के नाम पर वसूल किया जाता है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश स्वाट टीम ने नगर के राठ रोड, बजरिया सहित अन्य स्थानों पर छापामार कार्रवाई को सीओ सदर की देखरेख में अंजाम दिया गया था। इस दौरान कथित रूप से 13 लोगों को पकड़ा गया था जिसमें अधिसंख्य ऐसे व्यक्ति शामिल थे जो मौके पर पुलिस के पहुंचते ही मची भगदड़ में अन्य लोगों के साथ भाग खड़े हुये तो पुलिस ने घेराबंदी कर सटोरिया समझकर पुलिस गाड़ी में बैठाकर सीधे पुलिस लाइन ले गयी। अपरान्ह ढाई बजे पकड़े गये कथित सटोरियों को पुलिस शाम छह बजे के लगभग कोतवाली ले गयी जहां सभी को लाॅकप में बंद कर दिया गया। पकड़े गये ज्यादातर लोगों के परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं लगने दी कि वह पुलिस की हिरासत में हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने पकड़े गये सभी लोगों के मोबाइलों के साथ उनके पास से बरामद लगभग 12 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की थी। जिसे मुंशी चैहान के अनुसार सटोरियों के पास से बरामदगी दिखाकर कागजी लिखा पढ़ी में दर्ज करवा दिया। पूरी रात पकड़े गये सभी कथित सटोरिया कोतवाली लाॅकप में बंद रहे और प्रातः होते ही जब उनके परिजनों को इस बात की जानकारी मिली कि उनके परिजन कोतवाली की लाॅकप में बंद है। इसके बाद पकड़े गये लोगों के परिजन एक-एक कर कोतवाली में पहुंचकर मुंशियाने में संपर्क किया जहां उनकी मुलाकात मुंशी चैहान जो शहर कोतवाल के खजांची के नाम से विख्यात है उन्होंने निजी मुचलका पर छोड़ने की बात कहते हुये निर्धारित सुविधा शुल्क जमा करने का फरमान सुना डाला। बेचारे परिजनों ने सुविधा शुल्क की जुगाड़ करके मुंशी चैहान के पास जमा कर निजी मुचलका भरवाकर दो गवाहों के हस्ताक्षर कर उनके परिजन को लाॅकप के निकालकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि जिस दौरान शहर कोतवाल अपने सरकारी आवास में नींद पूरी कर रहे थे उसी दौरान कोतवाली का मुंशी चैहान जिसे कोतवाली का स्टाफ कोतवाल का खजांची कहकर संबोधित करते हैं वह कोतवाली को सब्जी मंडी बनाकर पकड़े गये कथित सटोरियों को पुलिस लाॅकप से आजाद करने के नाम पर उनकी बोली लगाता और जैसे ही डाक टूट जाती तो परिजन से मुचलका पर हस्ताक्षर कराकर जल्दी कोतवाली से बाहर जाने का फरमान सुनाते देखे गये। कोतवाली सूत्रों का कहना है कि मुंशी चैहान ने पकड़े गये 13 कथित सटोरियों को छोड़ने के बदले में लगभग एक लाख रुपये का नजराना वसूल किया तो आॅफिस खर्च के नाम पर सुविधा शुल्क अलग से वसूल की।

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