रमन सरकार की जिम्मेदारी, रोके मानव तस्करी और पलायन-आप

2017-01-18 13:30:24.0

रमन सरकार की जिम्मेदारी, रोके मानव तस्करी और पलायन-आप

रायपुर (बृजनरायन साहू) छत्तीसगढ़ को अस्तित्व में आए डेढ़ दशक से अधिक समय बीत चुका है। नए राज्य के बनने के बाद उत्पन्न हुई समस्याओं में पलायन और मानव तस्करी ने भयावह रूप धारण किया है। आम आदमी पार्टी ने इसी मुद्दे पर प्रदेश की राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान मालखरोदा ब्लॉक के 3 पीड़ित परिवारों की व्यथा मीडिया के सामने रखी और रमन सरकार से मानव तस्करी और पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। पीड़ित परिवारों के 22 सदस्य जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं, को उत्तरप्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र से वापस लाए जाने के लिए सचिव स्तर पर उत्तर प्रदेश सरकार से वार्ता कर त्वरित कार्यवाही की मांग भी की, जिसमें देरी होनी पर पार्टी अनशन का सहारा लेने पर बाध्य होगी।

मालखरौदा ब्लॉक के ग्राम अंडी पोस्ट किरारी, थाना मालखरौदा जिला जांजगीर निवासी अजय राम खाँडे, प्रीतम मनहर और भागीरथी खांडे ने बताया कि कन्हैयालाल सोनवानी नामक एक दलाल जो कि छोटे सीपत का रहने वाला है, सितंबर दृ अक्टूबर 2016 में इनके परिवारों के 22 सदस्यों को जिनमे 6 महिलाएं और 10 नाबालिग भी शामिल हैं, को ईंट भट्टों में काम दिलाने के लिए ग्राम फतेहपुर, थाना रूद्रपुर, जिला देवरिया गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) ले गया, और वहाँ काम पर लगा दिया। बाद में सोनवानी ईंट भट्टे वाले के कुछ पैसे लेकर गायब हो गया (जैसा कि ईंट भट्टे वाले ने काम पर लगे 22 लोगों को बताया)। अब ईंट भट्टे वाले ने इन छ्त्तीसगढ़ी मजदूरों को पैसे देना बंद कर दिया है। महिलाओं और पुरूषों को अब अलग दृ अलग रखा जा रहा है, और उनसे मारपीट की जा रही है। उन्हे वापस छ्त्तीसगढ़ आने से रोका जा रहा है, और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस बात की शिकायत कलेक्टर जांजगीर-चांपा और जांजगीर चांपा से दिसंबर 2016 में की गई, पर अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।

इन परिवारों के हक की लड़ाई में आम आदमी पार्टी ने बुधवार को मुख्यमंत्री, श्रममंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा। साथ ही पार्टी जांजगीर चांपा के कलेक्टर से मिलकर इस विषय पर त्वरित कार्यवाही की मांग भी करेगी, अन्यथा पार्टी को समस्या के समाधान के लिए अनशन का सहारा लेना पड़ेगा

चूंकि यह एक परिवार का ही मामला नहीं है, बल्कि प्रति वर्ष ऐसे लाखों छत्तीसगढ़ी मजदूर पलायन करके बाहर जाते हैं, या मानव तस्करी के माध्यम से ले जाए जाते हैं, यह एक गंभीर मामला हो जाता है जिसके लिए प्रदेश स्तर पर समाधान की जरूरत है। आवश्यक है कि रमन सरकार प्रदेश में रोजगार का सृजन करे, जिससे पलायन रूक सके। मानव तस्करी रोकने हेतु पुलिस विभाग की विशेष जिम्मेदारी तय हो, और अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के निवासियों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

  Similar Posts

Share it
Top