कलेक्टर के पहुंचने पर ही आदिवासियों को मिली सुविधाएं

2017-01-19 04:45:58.0

कलेक्टर के पहुंचने पर ही आदिवासियों को मिली सुविधाएं

मुंगावली-अशोकनगर (हेमन्त यादव) ग्रामीण स्तर पर लोगों को किस प्रकार शासन की योजनाओं लाभ मिल रहा है इसकी पोल उस समय खुल गई थी जब ग्यारह जनवरी को कलेक्टर बीएस जामौद रात्रि चैपाल के लिये मल्हारगढ़ पहुंचे और वहां से लौटते समय रात में टॉर्च से आदिवासियों के यहां पैदल पहुंचकर उनको मिलने वाली सुविधाओं को देखा था जहां आदिवासी सहित अन्य एक सैकड़ा के आसपास परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर देखे गये थे, इसके बाद एक सप्ताह से कम समय में अब इन गरीब आदिवासी परिवारों को शासन की योजनाओं की झडी लग गई है। क्योंकि 12 जनवरी को एसडीएम सुमनलता माहौर, तहसीलदार सतीश वर्मा, सीईओ आरएस साहू, पचांयत सचिव हारून खां, सरपंच लाखन सिहं एवं रोजगार सहायक सौरभ दुबे ने उपस्थित रहकर विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों का सर्वे कर परिवारों को चिन्हित किया वहीं आवासों की बर्तमान स्थिति की भी सूची तैयार की। और आज यह निसई आदिवासी बस्ती में रह रहे 119 परिवारों के लिये नये सबेरे जैसी स्थिति देखने मिल रही है क्योंकि न केवल शासकीय योजनाओं में नाम जोडे जा रहे हैं बल्कि यहां कई निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिये गये हैं। इन लोगों को सहायता दिलाने जोड़े नाम इस विषय में जब पंचायत सचिव हारून खान से जानना चाहा तो उनके द्वारा बताया गया कि जिलाधीश के निर्देशों के बाद इस बस्ती से 14 बीपीएल परिवार के नाम जोडने के आवेदन तहसील में जमा कर दिये गये हैं। 10 पेंशन के आवेदन, एवं 68 आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने के लिये दे दिये गये हैं जिनमें 47 परिवार आदिवासी हैं। इसके अलावा यहां खेल मैदान, तीन कुंआ निर्माण के कार्य चालू कर दिये गये हैं वहीं सीसी निर्माण के लिये नाप तौल करके स्टीमेट बनाकर राशि की मांग की गई है। इन सब कार्यो को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि कलेक्अर के जाते ही इन गरीब आदिवासी एवं अनय परिवारों को सुविधायें तो मिलना चालू हो गई पर यह निरंतर चलती रहेगी या कुछ समय होते ही पूर्व की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगी।

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