एक साथ दो-दो बंगलों पर काबिज़ हैं डा0 आशाराम गौतम

2017-01-20 14:30:57.0

एक साथ दो-दो बंगलों पर काबिज़ हैं डा0 आशाराम गौतम

उरई-जालौन (राहुल गुप्ता) जालौन रोड पर पुलिस अधीखक के बंगले से पहले स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बंगले पर डा. आशाराम गौतम ने अपना नाम अंकित करा कथित कब्जा कर लिया है। डा. आशाराम वर्तमान में सिर्फ प्रभारी सीएमओ हैं। वह फुलफ्लैश सीएमओ नहीं हैं और उन्हें इस तरह से सीएमओ के बंगले में रहने तथा वहां अपना नाम अंकित करा और अपने नाम के साथ प्रभारी सीएमओ के स्थान पर सीधा सीएमओ अंकित कराने का अधिकार नहीं है। किंतु प्रभारी होते हुये भी उन्होंने अपने नाम डा. आशाराम के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी बंगले पर अंकित कराकर जैसा कर लिया है। वह भी तब डा. आशाराम गौतम अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम से वह राजकीय कालौनी स्थित बंगला बी-12 में निवास बनाये हुये हैं। इस तरह एक अधिकारी दो-दो बंगलों में एक साथ निवास करने की आश्चर्यजनक ििसति में आ गया है।

उक्त प्रचार की कथित और गुमराह किये जाने की ििसति उसमें सामान्य विधानसभा चुनाव अधिसूचना से बनी है। डा. आशाराम गौतम इससे पहले भी दो बार प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी बने। किंतु उन्होंने तब सीएमओ के जालौन रोड स्थित उक्त बंगले पर अपना नाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी लिखवाकर अंकित नहीं कराया। किंतु इस बार जब वह प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं उन्होंने किया और सीएमओ कार्यालय स्थित सीएमओ के कक्ष पर लगी नेम प्लेट पर तथा टेबिल पर रखी नेम प्लेट पर डा. आशाराम सीएमओ जालौन स्थान उरई जैसा अंकित कराया हैं। उन्होंने प्रभारी सीएमओ अंकित नहीं कराया है। यह सब भी तब है जबकि शासन स्तर से डा. अल्पना बरतारिया को लेबिल फोर से प्रोन्नत कर सीएमओ जालौन स्थान उरई बना दिया गया है। किंतु वह चुनाव अधिसूचना जारी हो जाने से सीएमओ जालौन स्थान उरई का पद भार ग्रहण नहीं कर सकी हैं। अनुमान है कि वह विधानसभा चुनाव संपन्न हो जाने तथा अधिसूचना समाप्त हो जाने के पश्चात ही अपने पद का प्रभार ग्रहण कर सकेंगी। यह कथित सूचना भी कि डा. अल्पना बरतारिया सीएमओ का पद भार ग्रहण करना नहीं चाहती हैं और लखनऊ जाकर शासन में बैठे संबंधित अधिकारी के सम्मुख अपनी इच्छा व्यक्त कर आयी है जिससे डा. आशाराम ने शायद मान लिया कि अब वह विधानसभा चुनाव तक ही सीएमओ बन ही गये तथा जब किसी अन्य को यहां भेजा जायेगा तब देखा जायेगा। जिससे नतीजे में उन्होंने सीएमओ के बंगले पर भी अपना नाम अंकित करा दिया जो कि प्रभारी समएओ के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अब जैसी कि सूचना है कि सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया सोमवार तक अपने पद का प्रभार ग्रहण करने आ रही हैं यह बंगले पर डा. आशाराम का सीएमओ के रूप में अपना नाम अंकित कराना कुछ हास्यापद सा हो गया है।

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