नोटबंदी के दौरान काला धन खपाने वाला ग्रामीण बैंक का मैनेजर गिरफ्तार

2017-03-27 10:45:26.0

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में प्रधानमंत्री जनधन मुद्रा योजना के खातों से बगैर अनुमति नकद निकालकर पुराने नोट खपाने के मामले में देवकर के बैंक मैनेजर और चपरासी को पुलिस ने को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर अशोक कुमार समद्दर व चपरासी राधेश्याम को पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री जनधन मुद्रा योजना के खाते से पहले पैसे निकलने और बाद में पुराने नोट जमा करवाने का मामला सामने आया था। लगभग 90 से अधिक खातों में खातेदारों की अनुमति लिए बगैर 19 लाख रुपए निकालकर पुराने नोट डाले गए थे। खातेदारों की शिकायत के बाद यह पूरा मामला खुला था। जांच में अनियमिताएं सामने आई थी।
देवकर शाखा प्रबंधक अशोक कुमार जिनको पुराने नोट के अदला-बदली के प्रकरण में पुलिस ने गिरफ्तार किया उनके बैंक अकाउंट भी खंगाले गए हैं। पुलिस ने बताया कि मैनेजर का बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा मोहन नगर दुर्ग में भी एक लॉकर पाया गया जिसमें 18,03,180 नगद तथा 152 ग्राम सोने का जेवर जिसकी कीमत 4,50,000 रुपए बताई जा रही है। एसपीटी इक्का के मार्गदर्शन पर देवकर पुलिस ने लॉकर खुलवाकर बरामद किया।
नोटबंदी के दौरान 19 लाख रुपए निकाल कर पुराने नोटों को जमा करने के मामले में मनैजर अशोक कुमार समद्दर व चपरासी राधेश्याम के खिलाफ बीरबल सतनामी और सात अन्य खातेदारों ने मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने देवकर चैकी में 3 जनवरी को लिखित में शिकायत देकर इस मामले की जांच करने की मांग पुलिस से की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की देवकर शाखा में पुराने नोट खपाने की शिकायत के बाद बिलासपुर कार्यालय से ऑडिट कराया गया। जिसमें पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। पुलिस ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर मैनेजर और चपरासी को हिरासत में लिया। नोटबंदी के बाद प्रदेश में काले धन को सफेद करने में किसी बैंक अधिकारी के संल्पित होने का यह पहला मामला सामने आया है।
टारोपीयों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 136/17, धारा 409, 420, 34, आईपीसी तथा धारा 13 (1) डी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं मनी लाडरिंग एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी है ।

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