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Rape पीड़िता पर चार मामले दर्ज करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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MLA बैंस पर रेप केस लिखाने वाली महिली के खिलाफ चार चार FIR, पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- आपके राज्य में हो क्या रहा है?

Simarjit Singh Bains सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य ‘पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग’’ में सहभागी नहीं हो सकता है। अदालत ने पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ रेप केस दर्ज कराने वाली महिला पर चार एफआईआर दर्ज कराए जाने पर नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पंजाब लोक इंसाफ पार्टी (PLIP) के नेता सिमरजीत सिंह बैंस (Simarjit Singh Bains ) से जुड़े एक मामले में सख्त नाराज़गी जताई है। 
सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि राज्य ‘पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग’’ में सहभागी नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक महिला के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे पर रोक लगा दी। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज कराए जाने पर भी अदालत ने नाराजगी जताई।
प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की बैंच विधायक और विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला, दोनों की तरफ़ से दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। महिला के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर में न्यायिक कार्यवाही पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। साथ ही लोक इंसाफ पार्टी के विधायक को गिरफ्तारी से मिली राहत की अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने विधायक बैस के खिलाफ बलात्कार मामले की सुनवाई निचली अदालत में ले जाने वाली महिला के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज करने की भी आलोचना की। पीठ ने सवाल किया, ‘आपके राज्य में क्या हो रहा है? महिला के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए गए हैं? अब वह अग्रिम जमानत चाहते हैं और महिला को जेल चले जाना चाहिए। आप (राज्य) पुलिस मशीनरी के ऐसे दुरुपयोग में सहभागी नहीं हो सकते हैं।’
पंजाब सरकार की तरफ़ से पेश हुए महाधिवक्ता डी. एस. पटवालिया ने कहा कि इस विवाद में राज्य की कोई भूमिका नहीं है। यह दो पक्षों के बीच की बात है, लेकिन वह इस संबंध में निर्देश प्राप्त करके जवाब दाखिल करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कानून का रखवाला होने के नाते उसकी रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।
पीठ ने विधायक के खिलाफ आरोपों का संदर्भ देते हुए उनकी (विधायक) ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से इस संबंध में सवाल किया कि ‘क्या आपने अपने मुवक्किल की गतिविधियां (हरकतें) देखी हैं? कैसे आपका मुवक्किल लोगों को परेशान कर रहा है, वह जनप्रतिनिधि है, दो बार का विधायक है, क्या यही उसके व्यवहार करने का तरीका है? मैं चाहता हूं कि इस मामले में पंजाब के महाधिवक्ता हमारे समक्ष पेश हों।’
रोहतगी ने कहा कि विधायक निर्दोष हैं और महिला के खिलाफ मामले अन्य लोगों ने दर्ज कराए हैं और उनका (विधायक) इसमें कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला कनाडा में लोगों को रोजगार दिलाने का रैकेट चला रही है। पीठ ने महिला के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया को दो सप्ताह के लिए और विधायक की गिरफ्तारी पर लगी रोक को एक सप्ताह के लिए बढ़ाते हुए कहा कि मामले में सात दिन बाद सुनवाई की जाएगी।