UP ELECTION 2022

"खद्दरधारी रोज़गार मेला" - बरेली में सकून से निबटा

एक बार फ़िर प्रशासन अमन बनाये रखने में बाज़ी मार गया। छिटपुट शिकायतों के अलावा ज़िले भर में सकून से निबट गया खददर धारियों का रोज़गार दिवस। खददर धारियों का मालामाल बनने का श्री गणेश का दिन यानी विधायक चुने जाने का दिन बरेली ज़िले में पूरी तरह सकून से ग़ुज़र गया। यानी मतदान निबट गया। ग़ुलाम जनता ने अपनी अपनी पसन्द के खददर धारी को अपने मालिक के तौर पर गुलामों के खून पसीने की कमाई की लूट मचाने की पावर देदी। कहीं कहीं बीजेपी की ईष्ट देवी यानी ईवीएम माता की खराबी की वजह से अव्यवस्था हुई लेकिन प्रशासन ने तेज़ी से सम्भाल ली। लगभग 58 फीसद वोटिंग हुई। हालांकि काफी पोलिंग स्टेशनों पर देखा गया कि हज़ारों लोगों के नाम लिस्ट से गायब थे। यहां सबसे बड़ी बात ये रही कि सिर्फ़ वर्ग विशेष के ही नाम लिस्ट से गायब मिले। हालांकि इन लोगों की नाराज़गी को भी प्रशासन ने शान्त करा दिया।