Breaking

ना उम्मीदवारी ना नेतागीरी - चुपचाप बांट दिये सैकड़ों लिहाफ़

ना उम्मीदवारी ना नेता गीरी बस चुपचाप समाज सेवा। आम तौर पर देखा जाता है कि खद दर धारी अपनी नेता गीरी चमकाने के लिए या चुनाव जीतने के लिए समाज सेवा के नाटक करते हैं। लेकिन यही समाज सेवा निस्वार्थ की जाती है वो होती है असल समाज सेवा। ऐसे ही समाज सेवा में गददी समाज के लोग लगे दिख रहे हैं। ग़ुज़रे दो हफ़्ते से उत्तर भारत में हो रही कड़ाके की ठण्ड नें ग़रीब बेसहारों के जीवन को ख़तरे में डाल दिया है। ठण्ड की शिददत को देखते हुए बरेली में आल इण्डिया गददी समाज ने लल्ला गददी की क़यादत में आज ग़रीबों में लिहाफ़ कम्बल बांटे